तीन दिन में दूसरी घटना:पीबीएम के बाहर चाय की दुकान करने वाले ने महिला से 800 ठगे, छेड़छाड़ की

बीकानेर5 महीने पहले
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  • आए दिन अटेंडेंट होते है शिकार

पीबीएम में लपकों का बोलबाला कम होने का नाम नहीं ले रहा। एक बार फिर मरीज के परिजनों से जल्द जांच-इलाज करवाने के नाम पर रुपए ठगने के साथ ही उसकी महिला परिजन के साथ छेड़छाड़ का मामला भी सामने आया है। हॉस्पिटल के सुरक्षा अधिकारियों की नजर में मामला आने के बाद इसकी पुलिस में रिपोर्ट दी गई है। तीन दिन में ऐसा दूसरा मामला सामने आया है।

ताजा घटनाक्रम के मुताबिक के-वार्ड मे भर्ती महिला के परिजनों से नजदीकी बढ़ाकर एक लपके ने जल्द जांच और इलाज करवाने के नाम पर आठ सौ रुपाए ठग लिए। इतना ही नहीं मरीज के पास रहने वाली महिला परिजन से नजदीकियां बढ़ाकर उसके साथ छेड़छाड़ करने की भी कोशिश। महिला ने अपने परिजनों को इस घटना की जानकारी दी तो वह भाग खड़ा हुआ।

मामला हॉस्पिटल के सुरक्षा अधिकारियों के सामने आया तो उन्होंने परिजनों को ढांढ़सा बढ़ाने के साथ ही पुलिस चौकी में रिपोर्ट दी। लपके की पहचान भी हो चुकी है। बताया जाता है कि हॉस्पिटल के बाहर की चाय की दुकान पर काम करता है। इसके नाम सहित पुलिस को रिपोर्ट दी गई है। हॉस्पिटल के सुपरिंटेंडेंट डॉ.परमेन्द्र सिरोही ने भी पुलिस चौकी फोन पर लपकों पर कार्रवाई का आग्रह किया है।

हिम्मत..मिलीभगत-पर्ची कटवाकर हॉस्पिटल में घूमते हैं : हॉस्पिटल में शिकार ढूंढ़ने के लिए लपके अधिकृत तौर पर आउटडोर की पर्ची कटवाते हैं। कई बार पर्ची के आधार पर डॉक्टर को दिखाने के लिए लाइन में लगते हैं। दिखाते हैं। जांच करवाने लैब जाते हैं। पर्ची लेकर वार्डों-गलियारों में घूमते हैं और इसी दौरान कहीं भी अपना शिकार तलाश लेते हैं।

हर राह पर लपके

  • प्राइवेट लैब्स के एजेंट, निजी लैब में जांच करवाने के लिए वार्डों में लेते रहते हैं राउंड।
  • दवाइयों की दुकानों के एजेंट।
  • खाने-पीने, ठहरने की सुविधा देने वाले एजेंट
  • ब्लड उपलब्ध करवाने वाले
  • मोबाइल-पर्स सहित मरीजों के सामान पर हाथ साफ करने वाले
  • हॉस्पिटल के सामान पर हाथ साफ करने वाले
  • कई बार ठेके पर काम करने वाले सफाईकर्मियों-अटेंडेंट्स पर भी घूमी है शक की सुईं

एक्सपर्ट कमेंट : अब रजिस्टर में दर्ज कर रहे हर लपके का ब्यौरा
लपकागिरी रोकने के लिए लगातार नजर रख रहे हैं। ऐसे ज्यादातर लोग रात के समय हॉस्पिटल में आते हैं। हॉस्पिटल की पर्ची बनाकर घूमते हैं या खुद को मरीज का रिश्तेदार भी बताते हैं। इन्हें पहचानना, पकड़ना काफी मुश्किल हो जाता है। अब एक रजिस्टर रख लिया है इसमें जब भी ऐसी कोई वारदात के बाद पकड़ में आए व्यक्ति का नाम, नंबर और पुलिस काे सौंपने की पूरी रिपोर्ट लिखकर रख रहे हैं।
-प्रभुसिंह, सुरक्षा अधिकारी पीबीएम हॉस्पिटल

सुरक्षा अधिकारियों की मीटिंग लेकर अपनी तरफ से सख्ती बरतने को कहा है। इसके साथ ही पुलिस अधिकारियों से भी बात की है। आग्रह किया है कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
-डॉ.परमेन्द्र सिरोही, सुपरिटेंडेंट पीबीएम हॉस्पिटल

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