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तकनीकी स्वीकृति मिली:429 करोड़ के प्रोजेक्ट को तकनीकी मंजूरी, 2050 तक बुझेगी प्यास

बीकानेरएक महीने पहले
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प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति के बाद वर्ष 2050 तक की प्यास बुझाने वाले जलदाय विभाग के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को गुरुवार को तकनीकी स्वीकृति भी मिल गई है। अब विभाग अगले 2 महीने में इसके टेंडर कर दिसंबर तक काम शुरू करवाने का प्रयास करेगा। तकनीकी स्वीकृति दो चरणों में दी गई है पहले चरण में 182 करोड़ और दूसरे चरण में 246 करोड रुपए के काम स्वीकृत किए गए हैं।

जानकारी देते हुए जलदाय मंत्री डॉक्टर बी डी कल्ला ने बताया कि बीकानेर शहर की वर्ष 2052 शहर की आबादी 12 लाख 29 हजार होने की संभावना है। इसी आधार पर इस योजना का निर्माण किया गया है। इससे वर्तमान में बीकानेर शहर के लगभग 7.70 लाख निवासियों का सीधा लाभ होगा।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस प्रोजेक्ट को बजट भाषण में मंजूर किया था और उसके बाद प्रशासनिक तथा वित्तीय स्वीकृति दी गई थी। लंबे समय से तकनीकी स्वीकृति के लिए प्रस्ताव लंबित था और गुरुवार को इसकी मंजूरी मिल गई। अब अगले चरण में विभाग को टेंडर कॉल करने होंगे। टेंडर होने के बाद पहले चरण का काम शुरू होगा। परियोजना को 2025 तक पूरा करना होगा।

पहले चरण में क्या बनेगा
पहले पैकेज-1 में बीछवाल में 2500 मिलियन लीटर का राॅ वाटर रिजर्वायर एवं 30 मिलियन लीटर प्रतिदिन की क्षमता का पेयजल शोधन संयंत्र तथा 28 लाख लीटर क्षमता का स्वच्छ जलाशय बनाया जाएगा। शोभासर क्षेत्र के चकगरबी में 3000 मिलियन लीटर का राॅ वाटर रिजर्वायर तथा 30 एमएलडी का पेयजल शोधन संयंत्र व 28 लाख लीटर क्षमता का स्वच्छ जलाशय बनाया जायेगा। शहर के दोनों क्षेत्रों 47 जोन बनेंगे।

दूसरे फेज में क्या बनेगा -
दूसरे पैकेज में 15 पानी की टंकियां एवं 2 स्वच्छ जलाशयों का निर्माण होगा। उपभोक्ताओं के 61,800 खराब जल संबंधों को ठीक करने के लिए शहरी क्षेत्र में 45 किलोमीटर डक्टाइल आयरन पाईपलाईन बिछाई जाएगी। 528 किलोमीटर वितरण पाईपलाईन बिछाने के साथ ही 83 हजार उपभोक्ताओं के मीटर भी बदले जाने का अलग से प्रावधान किया गया है।

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