कुरियर कंपनी में 8 लाख की डकैती का मामला,:डकैतों का 36 घंटे बाद भी सुराग नहीं, एसपी ने बदमाशों को पकड़ने के लिए पांच टीम बनाई

बीकानेर2 महीने पहले
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एसपी योगेश यादव ने सोमवार को घटना स्थल का जायजा लिया तथा अपराधियों को पकड़ने के लिए पांच दल बनाए हैं।   - Dainik Bhaskar
एसपी योगेश यादव ने सोमवार को घटना स्थल का जायजा लिया तथा अपराधियों को पकड़ने के लिए पांच दल बनाए हैं।  

शिव वैली स्थित कुरियर कंपनी के ऑफिस में रविवार रात डकैती डालने वालों का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। एसपी योगेश यादव ने सोमवार को घटना स्थल का जायजा लिया तथा अपराधियों को पकड़ने के लिए पांच दल बनाए हैं। शिव वैली में गुरुग्राम की कुरियर कंपनी का ऑफिस है। कंपनी का मैनेजर छत्तरगढ़ निवासी राजकुमार शर्मा पिछले कई सालों से कंपनी में काम कर रहा है।

उसके अंडर में तीन, चार युवकों को स्टाफ भी है। एसपी योगेश यादव ने सोमवार सुबह घटना स्थल का जायजा लिया। उन्होंने वहां काम करने वाले युवकों से पूछताछ भी की। राजकुमार के सिर में चोट आने के कारण वह पीबीएम हॉस्पिटल के ट्रोमा सेंटर में भर्ती है। उसके बयान पर गंगाशहर थाने में पांच डकैतों के खिलाफ 7 लाख 80 हजार रुपए लूटकर ले जाने का मुकदमा दर्ज किया गया है।

घटना रात आठ से सवा आठ बजे के बीच की बताई गई है। एसपी ने अपराधियों को पकड़ने के लिए सीओ सदर पवन भदौरिया के नेतृत्व में पांच दल गठित किए हैं। डीएसटी के विंग को भी टीम में शामिल किया गया है। घटना के बाद से ही पुलिस रातभर अभय कमांड सेंटर के कैमरे खंगालती रही। गंगाशहर एसएचओ राणीदान ने बताया कि डकैती और लूट की पुरानी वारदातों के लिप्त रहे बदमाशों और संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है।

हर दिन होता है लाखों का कलेक्शन
कुरियर कंपनी अमेजन सहित बड़ी कंपनियों के पार्सल डिलीवर और बुकिंग करने का काम करती है। कोरोना के कारण ऑन लाइन खरीदारी का चलन बढ़ा है। इसलिए प्रतिदिन तीन से चार लाख रुपए का कलेक्शन होता है। रुपयों की गिनती शाम को होती है। उसे बैंक में जमा कराने के बजाय ऑफिस की ही तिजोरी में रखा जाता है। रुपए बैंक में जमा कराने के लिए सीएमसी कंपनी की गाड़ी दूसरे दिन सुबह आती है।

ऐसे होती है कुरियर ऑफिस में वर्किंग
कुरियर कंपनी डिलीवरी प्राइवेट लिमिटेड के यहां करीब 40 डिलीवर बॉय काम करते हैं। सुबह सभी ऑफिस में पार्सल लेने के लिए एकत्रित होते हैं। उन्हें अलग-अलग क्षेत्रों के हिसाब से पार्सल दिए जाते हैं। मोबाइल पर जीपीएस लोकेशन के आधार पर पार्सल की डिलीवरी दी जाती है। तीन-चार कर्मचारी ऑफिस में ही रहकर पार्सलों की एंट्री और कलेक्शन का काम देखते हैं।

डकैतों को पता था ऑफिस में बड़ी रकम मिलेगी
डकैतों को पता था कुरियर के ऑफिस में दो दिन में जमा हुए रुपए का बड़ा कलेक्शन है। क्योंकि ऐसा हर सप्ताह होता है। शनिवार और रविवार का कलेक्शन सोमवार को बैंक में जमा होता है। पुलिस के अनुसार डकैतों ने पूरी रैकी करने के बाद लूट की योजना को अंजाम दिया है। क्योंकि उन्हें यह भी पता है कि रात के समय ऑफिस में तीन-चार से ज्यादा का स्टाफ नहीं होता। सभी डिलीवरी बॉय घर चले जाते हैं। इस काम में मिली भगत की आशंका जताई जा रही है। वीडियो फुटेज, बोलचाल और हावभाव से माना जा रहा है कि बदमाश बीकानेर के ही हो सकते हैं।

डकैती के इस मामले को पुलिस ने चैलेंज के रूप में लिया है। अहम सुराग हाथ लगे हैं। संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है। सभी अधिकारी लगे हुए हैं। अपराधी जल्द ही पकड़े जाएंगे। -योगेश यादव, एसपी

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