• Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Bikaner
  • The Mayor said I will pass the resolution without reading, the members were seen standing in the middle of the noise, videography revealed the truth

भास्कर रिकॉल / महापौर ने कहा- मैं बिना पढ़े ही प्रस्ताव पारित करवा दूंगी, शोर-शराबे के बीच सदस्यों के हाथ खड़े नजर आए, वीडियोग्राफी से सामने आया सच

The Mayor said - I will pass the resolution without reading, the members were seen standing in the middle of the noise, videography revealed the truth
X
The Mayor said - I will pass the resolution without reading, the members were seen standing in the middle of the noise, videography revealed the truth

  • निगम आयुक्त ने डीएलबी को भेजी, रिपोर्ट में स्पष्ट लिखा-प्रोसिडिंग जारी करने का अधिकार केवल पीठासीन अधिकारी को, लेकिन महापौर ने अपने साइन से जारी कर दी

दैनिक भास्कर

May 30, 2020, 06:02 AM IST

बीकानेर. दृश्यावलोकन : महापौर सुशीला कंवर पार्षदों को अपनी-अपनी सीटी पर बैठने एवं प्र्रस्तावों पर चर्चा करने व सदन की गरीमा मनाए रखने के लिए आग्रह कर रही हैं। सभा में सूचियों का वितरण होता नजर नहीं आ रहा है। अचानक महापौर बोलीं, ‘मैं बिना पढ़े ही प्रस्ताव पारित करा दूंगी।’ शोर-शराबे के बीच सदस्यों के हाथ खड़े नजर आने लगे।

यह दृश्यावलोकन नगर निगम की सात फरवरी को हुई साधारण सभा की वीडियो रिकार्डिंग का है, जो पहली बार सामने आया है। नगर निगम ने साधारण सभा की वीडियो रिकार्डिंग की सीडी सहित तथ्यात्मक रिपोर्ट करीब तीन माह बाद नगरीय विकास विभाग को भेजी है। ‘भास्कर’ के पास वह रिपोर्ट मौजूद है, जिसमें आयुक्त डॉ. खुशाल यादव ने स्पष्ट लिखा है कि साधारण सभा की प्रोसिडिंग जारी करने का अधिकार केवल पीठासीन अधिकारी और मुख्य नगर पालिका अधिकारी को होता है।

महापौर सुशीला कंवर ने अपने साइन से प्रोसिडिंग जारी कर दी। आयुक्त ने वस्तुस्थिति भेजकर दिशा निर्देश एवं मार्ग दर्शन मांगा है। विदित रहे तत्कालीन आयुक्त प्रदीप गवांडे ने 10 फरवरी को डीएलबी निदेशक को पत्र लिखा था, जिसके आधार पर सभा की तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी गई थी।
कमेटियों को लेकर गहराया विवाद :

नगर निगम की कमेटियों को लेकर विवाद बना हुआ है। कांग्रेसी पार्षदों के हंगामे दौरान महापौर सुशीला कंवर राजपुरोहित ने बिना पढ़े ही कमेटियों के गठन की घोषणा कर दी थी। पार्षद जावेद पड़िहार के नेतृत्व में कांग्रेसी पार्षद दल की शिकायत पर तत्कालीन आयुक्त ने प्रोसिडिंग जारी नहीं की और डीएलबी को मार्ग दर्शन के लिए लिख दिया।

नियमानुसार बोर्ड गठन के 90 दिन में निगम कमेटियों की घोषणा नहीं कर पाता तो राज्य सरकार कमेटियाें का गठन करती है। वह अवधि भी निकल चुकी है। इस बीच महापौर ने आयुक्त के बजाय खुद ही कमेटियों की घोषणा कर दी है। इसे लेकर विवाद और गहरा गया है।
महापौर ने 22 मई को जारी की प्रोसिडिंग :

महापौर सुशीला कंवर ने 22 मई को अपने साइन से साधारण सभा की प्रोसिडिंग जारी कर दी। उन्होंने प्रोसिडिंग के अंत में नोट लगाकर लिखा कि सामान्यता प्रोसिडिंग आयुक्त स्तर पर जारी की जाती है लेकिन उन्होंने 10 फरवरी को डीएलबी से मार्ग दर्शन मांग लिया। सौ दिन की अवधि बीतने पर आयुक्त प्रोसिडिंग जारी करने के निर्देश दिए थे। जब उन्होंने जारी नहीं की तो धारा 49(7)अधोहस्ताक्षकर्ता ने जारी कर दी। विदित रहे महापौर ने इसे लेकर राजस्थान हाई कोर्ट जोधपुर में कैवियट भी दायर कर रखी है।

  • डीएलबी ने साधारण सभा की तथ्यातमक रिपोर्ट मांगी थी। वीडियो रिकार्डिंग देखने के बाद रिपोर्ट तैयार कर निदेशक को भेज दी है। उनके निर्देशानुसार ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

-डॉ. खुशाल यादव, आयुक्त

  • सौ दिन की अवधि बीतने के बाद आयुक्त को प्रोसिडिंग जारी करने के निर्देश दिए थे, लेकिन उन्होंने गंभीरता से नहीं लिया।  निगम का कामकाज चलाने के लिए कमेटियां जरूरी हैं। इसलिए घोषणा करनी पड़ी। सरकार व निगम चाहे तो कोर्ट जा सकती हैं।

-सुशीला कंवर राजपुरोहित, महापौर

साधारण सभा की बैठक में थे ये बिंदु
1. बीकानेर नगरीय क्षेत्र में सार्वजनिक सफाई, सीवरेज, आवारा पशु, प्रकाश व्यवस्था पर चर्चा।
2. विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक में की गई पदोन्नतियों की पुष्टि।
3. वर्ष 2015-16 वे वर्ष 2019-20 में विभिन्न संवर्गों की पदोन्नति  की प्रस्तावना।
4. नगर निगम द्वारा विकसित की जाने वाली आवासीय योजनाओं में निगम कर्मचारियों एवं पार्षदों को आरक्षित दर पर भूखंड उपलब्ध कराने का प्रस्ताव।
5. राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 की धारा 55 के तहत कमेटियों का गठन।

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना