एसीबी कार्रवाई:जमीन का इंतकाल दर्ज करने पटवारी ने 3 हजार घूस ली; 21 माह में 7 पकड़े गए, चालान 1 भी नहीं

बीकानेर9 महीने पहले
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आरोपी पटवारी। - Dainik Bhaskar
आरोपी पटवारी।
  • पहले दूध की दुकान में बुलाया, वहां से नाई की दुकान ले गया..रिश्वत की रकम वहीं छिपाई थी

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की स्पेशल यूनिट ने जमीन का इंतकाल दर्ज करने के बदले कुचौर-अगुणी के पटवारी को नाई की दुकान में 3000 रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। पटवारी ने रिश्वत के 10 नोट लेकर दुकान में बनी डेस्क पर मोबाइल के नीचे छिपा दिए जो बरामद कर लिए गए हैं।

एएसपी रजनीश पूनिया ने बताया कि रामसर निवासी परिवादी शिवरतन चौधरी और उसकी पत्नी ने कुचौर आथुणी पटवार मंडल के बनिया गांव में पौने बाइस बीघा कृषि भूमि खरीदी थी। दोनों के नाम की जमीन का इंतकाल दर्ज करवाना था जिसके लिए परिवादी कुचौर-अगुणी के पटवारी सुभाषचन्द्र चालिया से मिला।

उसके पास कुचोर-आथुणी का भी चार्ज था। इंतकाल दर्ज करने के बदले पटवारी ने 3000 रुपए की रिश्वत मांगी। गुरुवार को पटवारी ने परिवादी को बीकानेर में सर्वोदय बस्ती स्थित मुक्ता प्रसाद नगर रोड स्थित दूध-डेयरी की दुकान पर बुलाया। पटवारी उससे बात करता हुआ नाई की दुकान में ले गया और वहां 3000 रुपए की रिश्वत ले ली।

उसने 500 के तीन, 200 के सात और सौ रुपए का एक नोट सहित 10 नोट दुकान में बनी डेस्क पर मोबाइल के नीचे छिपा दिए। इस दौरान ब्यूरो के इंस्पेक्टर दिलीप खत्री की टीम ने पटवारी को पकड़ लिया और उसके हाथ धुलवाए तो नोटों पर लगा गुलाबी रंग आ गया।

रिश्वत की राशि बरामद कर ली। पटवारी सुभाषचन्द्र ने वर्ष, 17 में नौकरी ज्वाइन की थी। ब्यूरो की टीम में हैड कांस्टेबल मंगतूराम, प्रेमचन्द, राजेश कुमार, कांस्टेबल, योगेन्द्रसिंह, जमील अहमद, प्रेमाराम, हजारा पठान, ड्राइवर महेशसिंह शामिल थे।

एसीबी टीम ने नोखा के प्राइवेट चैंबर से बरामद किए कागजात

पटवारी सुभाषचन्द्र ने परिवादी शिवरतन के नाम की जमीन का इंतकाल चढ़ा दिया था, लेकिन पत्नी का पेंडिंग रखा था। इसका पूरा रिकॉर्ड पटवारी ने नोखा की प्राइवेट नवोदय लाइब्रेरी में किराये पर लिए चेंबर में रखा हुआ था। ब्यूरो ने पटवारी की निशानदेही पर नोखा से जमीन के इंतकाल का रिकॉर्ड बरामद किया है।

सिस्टम की धीमी रफ्तार से भ्रष्टाचारी बचते जाते हैं, संभाग के 7 पटवारियों के केस इसकी नजीर

1. मई, 21 में रामसर पटवार हलके के पटवारी अशोक कुमार सियाग ने जमीन का इंतकाल दर्ज करने के बदले 30,000 रुपए की रिश्वत मांगी। एसीबी ने सत्यापन करवाया जिसमें मांग आ गई। इस दौरान पटवारी का ट्रांसफर हो गया और ट्रैप की कार्रवाई नहीं हो सकी।

2. 23 जुलाई, 20 को पूनरासर पटवारी रामअवतार जाट जमीन का इंतकाल दर्ज करने के बदले 10,000 रुपए की रिश्वत लेते ट्रैप हुआ।

3. श्रीगंगानगर की घड़साना तहसील में 7डीओएल हल्के के पटवारी दिनेश बावेजा ने जमीन का विरासतन इंतकाल दर्ज करने के बदले 1500 रुपए की रिश्वत मांगी। सत्यापन के दौरान 500 रुपए ले लिए। बाद में शक होने पर ट्रैप नहीं हुआ, लेकिन एसीबी ने मांग प्रमाणित होने पर केस दर्ज किया। अभियोजन स्वीकृति मिलने का इंतजार है।

4. हनुमानगढ़ की भादरा तहसील में भिरानी हलके के पटवारी आजाद सिंह ने 2000 रुपए की रिश्वत मांगी। एसीबी ने डिमांड पर 13 अगस्त, 20 को केस दर्ज कर लिया, लेकिन अभियोजन स्वीकृति नहीं मिली है।

5. कतरियासर हल्के का पटवारी मोहनराम 15 सितंबर, 20 को जमीन की रजिस्ट्री और इंतकाल के लिए 12,000 रुपए की रिश्वत लेते ट्रैप हुआ।

6. चूरू के सरदारशहर में बुकनसर छोटा हल्के का पटवारी रामस्वरूप इन्दोलिया ने जमीन के इंतकाल के बदले 3000 रुपए की रिश्वत मांगी। ट्रैप नहीं हुआ, लेकिन सत्यापन में मांग आने पर एसीबी ने 27 अक्टूबर, 20 को केस दर्ज किया।

7. श्रीगंगानगर के घड़साना में 3 एसटीआर हल्के के पटवारी मोतीराम ने जमीन का इंतकाल दर्ज करने के बदले 2000 रुपए की रिश्वत मांगी। ट्रैप नहीं हुआ, लेकिन एसीबी ने सत्यापन में डिमांड प्रमाणित होने पर 21 दिसंबर, 20 को केस दर्ज किया।

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