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नगर विकास का गजब एक्सपरिमेंट:पिलर लगा रास्ता 15 फीट किया, टूटी पुलिया बनाई नहीं, धंसने का खतरा; यूआईटी की इंजीनियरिंग से 10 हजार लोग रोज खतरे की राह पर

बीकानेर8 महीने पहले
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3 वार्डों के करीब 65 हजार लोगों के बीच सेतु का काम करती है पटेल नगर की ये पुलिया, 
40 फीट गहरी खाई पुलिया के नीचे। - Dainik Bhaskar
3 वार्डों के करीब 65 हजार लोगों के बीच सेतु का काम करती है पटेल नगर की ये पुलिया, 40 फीट गहरी खाई पुलिया के नीचे।

शहर के विकास में सरकारी एजेंसियों की कमजोर इंजीनियरिंग का नमूना है पटेल नगर की पुलिया। जनवरी में पुलिया का आधा हिस्सा धंसने से पिछले दिनों यूआईटी ने इसकी मरम्मत कराई थी। कागजों में लाखों खर्च कर दिए गए, लेकिन कमजोरी छिपाने के लिए यूआईटी ने तारबंदी करके 15 फीट रास्ता ब्लॉक कर दिया। सिर्फ 15 फीट की सड़क छोड़ी।

मरम्मत नहीं होने से भारी वाहन के आते ही पुलिया धंस सकती है। पटेल नगर की ये पुलिया तीन वार्डों के करीब 65 हजार लोगों के बीच सेतु है। पवनपुरी, गांधी कॉलोनी से बल्लभ गार्डन, बजरंग बिहार, मदन बिहार, शिवबाड़ी, पटेल नगर, चाणक्य नगर, आंबेडकर कॉलोनी, जयनारायण व्यास कॉलोनी जाने के लिए पुलिया ही सीधा रास्ता है। रोजाना करीब दस हजार लोगों की आवाजाही यहां से होती है। खर्च करने के बाद भी समस्या और हादसे का खतरा जस का तस है।

पुलिया इसलिए कमजोर : गड्‌ढे में रेत भर दी, जब रेत धंसने लगी तो तारबंदी करके उसे कवर कर दिया
सीवर लाइन की मरम्मत कर निगम ने गड्‌ढे में रेत भर दी। जब रेत धंसने लगी तो तारबंदी करके उसे कवर कर दिया। ताकि कोई वाहन ना निकल सके। इससे 30 फीट का रास्ता पंद्रह फीट ही रह गया है। उस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही बंद है। ईंट, कंकर, बजरी की गाड़ियां बड़ी संख्या में उस क्षेत्र में जाती हैं। गलती से भी कोई गाड़ी वहां से निकली तो सीवर लाइन के साथ पुलिया भी धंस जाएगी।

मरम्मत पर खर्च होंगे तीन करोड़ : पुलिया की मरम्मत पर दो करोड़ 93 लाख रुपए खर्च होंगे। यूआईटी ने डीपीआर बनाकर यूडीएच को भेजी थी, लेकिन मंजूरी नहीं मिली।

ये हैं जिम्मेमदार
तीन करोड़ की डीपीआर मंजूर नहीं हुई: एक्सईएन

पुलिया के लिए तीन करोड़ की डीपीआर को मंजूरी नहीं मिली है। यूआईटी का बजट हाल ही में पास हुआ है। यूडीएच विभाग को फिर से पत्र भेजेंगे। टेक्निकल रिपोर्ट भी ईसीबी से मांगी है।
याकूब भाटी, एक्सईएन, यूआईटी

एक्सपर्ट व्यू
आरसीसी की दीवार से ही पुलिया टिकेगी
पुलिया का निर्माण आरसीसी की वॉल पर करना चाहिए। वर्तमान में जो काम हुआ है, ऐसा काम तो कोईटेंपरेरी भी नहीं करता है। राइट साइड की मुंडेर में भी दरारें हैं। भारी गाड़ी के गुजरते ही पुलिया गिर जाएगी।
-अशोक गुप्ता, रिटायर्ड सिविल इंजीनियर

पार्षदों ने कलेक्टर से की शिकायत; बोले-पहले भी दो महीने बंद रहा था रास्ता
यह पुलिया तीन वार्डों को जोड़ने का काम करती है। बजरी की पुरानी खान पर बनी होने से यहां जमीन धंसने की शिकायत भी है। यूआईटी के इंजीनियरों को पक्का काम करना चाहिए। हमने कलेक्टर से भी कहा है।
अंजना खत्री, पार्षद, वार्ड 32

पटेल नगर की पुलिया के लिए कलेक्टर से वार्ता हुई थी। यूआईटी ने गलत काम किया है। पुलिया वापस ढह सकती है। मानसून से पहले निर्माण कार्य होना जरूरी है। प्रशासन इसे लेकर गंभीर नहीं है। परेशान जनता को होना पड़ रहा है।
मनोज नायक, पार्षद वार्ड 33

बल्लभ गार्डन सहित आस-पास की आधा दर्जन कॉलोनियों का रास्ता पटेल नगर से होकर जाता है। पुलिया के कारण पहले भी दो महीने तक रास्ता बंद रहा था। पुलिया ढहने से हादसा हो सकता है।
जामनलाल गजरा, पार्षद वार्ड 8

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