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हमें चाहिए लंबी उड़ान:राज्य सरकार ने कोटा को 1250 एकड़ जमीन फ्री दी, हमसे 58.88 एकड़ के 240 करोड़ मांगे; नहीं दिए तो अलॉटमेंट रद्द

बीकानेर3 महीने पहले
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  • }लंबी दूरी की उड़ानों के लिए एयरपोर्ट विस्तार की जरूरत

लंबी उड़ान की उम्मीद लगाए बैठे बीकानेर को एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की उस रिपोर्ट के आगे बेबस होना पड़ रहा है जिसमें कहा गया है कि इस सिविल एयरपोर्ट पर इतनी जगह नहीं है कि बड़े प्लेन आ सके। अभी जो एप्रन यानी प्लेन पार्किंग प्लेस है वह सिर्फ एटीआर-72 यानी 72 सीटों वाले छोटे विमान लायक है। ऐसे विमान भी एक बार में दो ही आ सकते हैं।

अथाॅरिटी ने इस एयरपोर्ट के विकास के लिए 58.88 एकड़ फ्री जमीन मांगी। हैरानी की बात यह है कि राज्य सरकार ने जमीन का अलॉट करने के कुछ साल बाद इसकी कीमत 239.71 करोड़ रुपए मांग ली। इस मांग की वजह भी एक ऑडिट पैरा बना था। केन्द्र ने एयरपोर्ट के लिए फ्री जमीन का वादा याद दिलाया।

एयरपोर्ट अथॉरिटी ने पैसा नहीं दिया। ऐसे में राज्य ने वर्ष 2018 में अलॉटमेंट निरस्त कर दिया। लंबी उड़ान पर इसके साथ ही ब्रेक लग गया। अब भी राज्य से केन्द्र के बीच पत्र-व्यवहार ही चल रहा है। इस ऊहापोह के बीच एक उम्मीद यह भी जगी है कि राज्य ने एक सप्ताह पहले ही कोटा में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए 1250 एकड़ जमीन निशुल्क देने का आदेश दिया है।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आदेश पर जिला कलेक्टर ने इस उपलब्ध जमीन के मुताबिक एयरपोर्ट अथॉरिटी से रिवाइज्ड प्रपोजल भी मांगा है। रिवाइज्ड इसलिए कि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने पूर्व में 1675 एकड़ जमीन मांगी थी। ऐसे में अब नए प्रस्ताव के आधार पर 1250 एकड़ जमीन दी जाएगी। जाहिर है कि सरकार जब कोटा के लिए फ्री जमीन दे सकती है तो राज्य के अन्य एयरपोर्ट में विस्तार के लिए यही आधार भी हो सकता है।

बीकानेर के जिला कलेक्टर नमित मेहता ने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से मिले एक पत्र के हवाले से सरकार को जमीन की वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट भी भेजी है। इस रिपोर्ट के आधार पर सकारात्मक कार्रवाई की संभावना है।

राजनीति और विवादों के बीच बहुत धीमी है बीकानेर में उड़ान की रफ्तार
मार्च 2009 में मुख्यमंत्री के तौर पर अशोक गहलोत ने नींव रखी। फ्री जमीन की घोषणा भी हुई। 2011 में राज्य सरकार ने जमीन अलॉट कर दी। 2012 तक एयरपोर्ट निर्माण पूरा होना था लेकिन टर्मिनल की हाइट पर एयरफोर्स ने आपत्ति जताई। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने प्लान बदला।

29 जून, 2014 को सिविल एयरपोर्ट का उद्घाटन हुआ इसमें बतौर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे मौजूद रही। 26 सितंबर, 2017 को दिल्ली-बीकानेर के लिए पहली उड़ान शुरू हुई। नागरिक उड्डयन मंत्री अशोक गजपति राजू, बीकानेर सांसद अर्जुन पहली फ्लाइट से आए लेकिन भाजपा के ही एक गुट के नेताओं-कार्यकर्ताओं ने विरोध में नारे लगाए।

वर्ल्ड क्लास फेसिलिटी हो सकती है डवलप, क्योंकि जमीन अलॉट हुई तो हाईवे से ही एयरपोर्ट पर हो सकेगी एंट्री : जिस जमीन की डिमांड की गई है वह वर्तमान एयर टर्मिनल से हाईवे के बीच फैला भू-भाग है। यह जमीन अलॉट होने पर बीकानेर जैसलमेर हाईवे से सटते ही एयरपोर्ट की एंट्री होगी। बड़े विमान लैंड हो सकेंगे। कैफेटेरिया, अलग-अलग टर्मिनल, लिफ्ट सहित अन्य वर्ल्डक्लास यात्री सुविधाएं विकसित होने के साथ ही बड़ी और लंबी दूरी की फ्लाइट यहां से शुरू हो सकेगी।

क्या कहती है एयरपोर्ट अथॉरिटी की रिपोर्ट
भारत सरकार की ओर से तैयार राष्ट्रीय नागर विमानन नीति-2016 में अन्य बातों के साथ ही यह प्रावधान भी है कि हवाई अड्डे के विकास के लिए संबंधित राज्य सरकार सभी दायित्वों से निशुल्क जमीन उपलब्ध करवाएगी।
(नागर विमानन राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह की ओर से जमीन की जरूरत पर 5 अगस्त को दिए गए लिखित जवाब से)

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