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साहित्य:‘अरदास’ की कहानियां मानवीय पीड़ा से पशु पीड़ा तक करूणा, वेदना की कहानियां है : साहित्यकार रंगा

बीकानेर10 महीने पहले
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बीकानेर साहित्य संस्कृति कला संगम संस्था द्वारा बीकानेर के वरिष्ठ कवि कथाकार प्रमोद कुमार शर्मा के नए राजस्थानी कहानी संग्रह “अरदास” का ऑनलाइन विमोचन रविवार को सुबह किया गया। वैब विमोचन आयोजन के अध्यक्ष केन्द्रीय साहित्य अकादमी के राजस्थानी भाषा के परामर्शक मधु आचार्य ‘आशावादी’ ने कहा कि हर रचनाकार ऋषि परंपरा का संवाहक होता है।

प्रमोद कुमार शर्मा के पास कहानी कहने का शानदार तरीक़ा है। प्रमोद की कहानियों में दर्शन की बात नज़र आती है। मुख्य अतिथि वरिष्ठ राजस्थानी साहित्यकार कमल रंगा ने कहा कि कोरोना काल में पोथी छापना और लोकार्पण होना एक उत्सव का समय है। विशिष्ट अतिथी लेखिका मौनिका गौड़ ने कहा कि कहानियां ग्लोबल होती जा रही है।

प्रमोद बाहर से भीतर की यात्रा करते हुए अध्यात्म एवं प्रगतिशीलता को सामने लाते हैं। शायर-कहानीकार क़ासिम बीकानेरी ने अरदास की कहानियों को राजस्थानी कहानियों का नया चित्राम बताया। अरदास की कहानियां आज के समय की विसंगतियों का गहराई से चित्रण करने में कामयाब रही है। लोकार्पित कृति के लेखक प्रमोद कुमार शर्मा ने अपनी कहानी बोदो टैर का वाचन किया।

कार्यक्रम के दौरान अध्यक्ष शायर कहानीकार क़ासिम बीकानेरी, दृष्टि प्रकाशन के रमेश खत्री, प्रभारी मुकेश मारवाड़ी ने अपने विचार रखे। आगंतुकों का स्वागत कवि आनन्द सिंह चौहान ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत जोधपुर की निर्मला जायसवाल ने सरस्वती वंदना के माध्यम से की।

कार्यक्रम में जोधपुर की कवियत्री तारा प्रजापत प्रीत, कवि कथाकार दिलिप केसानी, परलीका के साहित्यकार नरेश जांगिड़ सहित अनेक प्रबुद्ध जन मौजूद थे ।संचालन क़ासिम बीकानेरी ने किया। अंत में आभार ज्ञापन झारखंड की शायरा रेनू त्रिवेदी मिश्रा ने किया।

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