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कचरे की गाड़ी में मिले पत्थर:मेयर गाड़ियों को चैक करने पहुंची थी, जिन्हें शहर से कचरा भरने भेजा गया, वो पत्थर डालकर ले आए; कर्मचारियों को हटाया

बीकानेर3 महीने पहले
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गाड़ियों की जांच करते मेयर सुशीला कंवर। - Dainik Bhaskar
गाड़ियों की जांच करते मेयर सुशीला कंवर।

बीकानेर नगर निगम में भ्रष्टाचार की वर्षों पुरानी परम्परा खत्म होने का नाम नहीं ले रही। जिन ट्रैक्टरों को कचरा एकत्र करने पर प्रति ट्रोली भुगतान दिया जाता है, वो वार्ड में पहुंचकर कचरा एकत्र करने के बजाय बीच रास्ते से पत्थर डालकर अपनी ट्रोली का भुगतान उठा रहे हैं। पिछले तीन दिन से व्यवस्था सुधारने की कोशिश कर रही मेयर सुशीला कंवर राजपुरोहित को जब कार्मिकों नहीं सुधरने का पता चला तो शनिवार सुबह खुद ही बीच रास्ते में ट्रोलियों को चैक करने पहुंच गई। इस दौरान कचरे के बजाय दूसरा सामान भरकर लाने वाली ट्रोलियों को सिस्टम से हटाया गया। मौके पर बिना देखे पर्ची काटने वाले चार कार्मिकों को हटा दिया गया।

दरअसल, नगर निगम ने हाल ही में बीकानेर के सभी वार्डों से कचरा एकत्र करने के लिए वाहन लगा दिए। इन वाहनों को टारगेट दियाा गया है कि वो कितना कचरा उठाकर लायेंगे। उसी आधार पर भुगतान किया जाता है। वार्ड में जाने के बजाय ट्रेक्टर चालक उतने ही भार के पत्थर या अन्य सामान आसपास से उठा लाते हैं। डंपिंग यार्ड में अपनी ट्रोली तुलवाकर भुगतान की पर्ची प्राप्त कर लेते हैं। कई बार कचरा कम होने के बाद भी पर्ची बना दी जाती है। इससे नगर निगम का बजट तो खर्च हो रहा है, लेकिन शहर में सफाई नहीं हो रही। ऐसे में अब निगम मेयर ने खुद ही कमान हाथ में ले ली है।

शनिवार सुबह डंपिंग यार्ड की ओर जाने वाले मार्ग पर खुद मेयर खड़ी हो गई। हर वाहन को रोका गया। उसमें रखा कचरा देखा गया। किसी में मिट्‌टी मिली तो किसी में पत्थर या फिर टूटा फूटा रद्दी का माल। ये सब उठाने के लिए इन गाड़ियों को नहीं लगाया गया। मेयर ने कम भार व बिना कचरा आये वाहनों को डंपिंग यार्ड में खड़ा करवा दिया। इनकी पर्ची काटने वाले चार कर्मचारियों को भी यहां से हटाकर वार्ड में भेज दिया गया। यहां नए कर्मचारी तैनात किए गए हैं जो सारी व्यवस्था पर नजर रखेंगे।

ट्रैक्टर ट्रोली कम की, ट्रिप बढ़ाये

नगर निगम में चल रहे ट्रैक्टर ट्रॉली अनुबंध में आयुक्त द्वारा आदेश जारी कर ट्रैक्टर की संख्या घटाकर 80 से 40 कर दी है तथा प्रति ट्रैक्टर 3 ट्रिप की जगह 4 ट्रिप कर दिए हैं। शहर में होने वाले 240 ट्रिप की जगह अब 160 ट्रिप किए जायेंगे।

बिना हस्ताक्षर ही काट रहे थे ट्रैक्टर ट्रॉली की पर्चियां

ट्रैक्टर ट्रॉली के वल्लभ गार्डन डंपिंग यार्ड आने पर रजिस्टर में दर्ज की जाती है। वाहन चालक के हस्ताक्षर भी लिए जाते हैं। महापौर के पंजिका जांचने पर ज्ञात हुआ की 31 जुलाई से लेकर कल तक बहुत सी जगह पंजिका में ट्रैक्टर का आना दर्ज है परंतु वाहनचालक के हस्ताक्षर नहीं है। जिसे आपसी मिलीभगत से बाद में करवा लिया जाता है। ट्रैक्टर ट्रॉली द्वारा वार्डों में 3 ट्रिप करने होते हैं वह भी नही किए जा रहे थे। महापौर ने स्वास्थ्य अधिकारी को जांच के आदेश दिए।

ट्रैक्टर वाहन चालकों की गुंडागर्दी किया रास्ता जाम

महापौर ने सभी ट्रैक्टर की जांच कर डंपिंग यार्ड में खाली करवाने के निर्देश दिए तो वाहनचालकों ने डंपिंग यार्ड जाने वाले रास्ते को जाम कर दिया जिससे शहर में चल रहे ऑटो टीपर की लाइन लग गई। ऑटो टीपर डंपिंग यार्ड में खाली होकर पुनः वार्डों में कचरा संग्रहण के लिए जाते हैं परंतु रास्ता जाम होने से आवागमन रुक गया। जिस पर महापौर ने तुरंत संज्ञान लेकर संवेदक तथा स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित कर आवागमन शुरू करवाया।

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