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मैरिज के साथ ही इस इंडस्ट्री पर भी संकट:आखातीज पर 3 हजार की जगह 200 शादियां ही होंगी

बीकानेरएक महीने पहले
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  • 300 से अधिक मैरिज हाॅल की बुकिंग निरस्त, नवंबर तक टाली जा रही हैं शादियां

आखातीज का अबूझ सावा। यह ऐसा दिन है जब पूरे प्रदेश में एक ही दिन में हजाराें शादियां हाेती है। पिछले साल लाॅकडाउन के कारण यह सावा ऐसे ही चला गया। इस बार अप्रैल महीने से पहले तक ऐसी उम्मीद थी कि यह सावा इस बार बाजार में राैनक लाएगा। इस सावे पर शहर में जहां शादियाें का आंकड़ा 500-600 तक पहुंचता है, वहीं गांवाें में यह आंकड़ा 2500-2600 के बीच रहता है। ग्रामीण अंचल में आखातीज के अबूझ सावे काे विशेष महत्व दिया जाता है।

मगर, इस बार अचानक काेराेना की वक्र दृष्टि इस सावे पर पड़ी। सरकार ने मई महीने में हाे रही शादियाें के आयाेजन पर इतनी बंदिशें लगा दी है कि अधिकांश लाेग, अपनी शादियां टाल रहे हैं। कुछ लाेग बंदिशाें के कारण शादियां इस हालात में नहीं करना चाहते ताे कुछ लाेग मुख्यमंत्री की अपील के बाद शादियाें काे आगे लेकर जा रहे हैं।

वैसे ताे शादियाें का सीजन इस बार जुलाई तक है, इसके बाद देव शयनी एकादशी से विवाह नहीं हाेंगे। काेराेना की दूसरी लहर काे देखकर साफ लगता है कि अब जुलाई तक भी लाेग शादियां करने के इच्छुक कम है। बीकानेर एसडीएम कार्यालय में गुरुवार तक 40-50 ही आवेदन शादियाें के लिए आए थे। अब सरकार की नई गाइड लाइन के अनुसार शादियां काेर्ट में या घर में ही केवल 11 लाेगाें की उपस्थिति में की जा सकती है।

ऐसे में जहां आखातीज पर 3000 से अधिक शादियां शहर व गांवाें में मिलकर हाेती थीं, वहीं अब इसका अनुमान 200 से अधिक नहीं लगाया जा रहा। शहर के करीब 300 से अधिक मैरिज हाॅल की बुकिंग निरस्त हाे रही हैं। साल की शुरुआत में खरमास, गुरु-शुक्र तारे के अस्त रहने से आधे अप्रैल तक शादियाें का काेई मुहूर्त नहीं था।

पंडिताें से ले रहे नवंबर, दिसंबर व अगले साले के मुहूर्त : अब नवंबर में देव उठनी एकादशी से ही सावे शुरू हाेंगे। ऐसे में लाेग अब पंडिताें से नवंबर, दिसंबर व जनवरी, 2022 के सावे के मुहूर्त ले रहे हैं। सभी जानते हैं कि अब वैक्सीनेशन चल रहा है। ऐसे में परिस्थितियां नियंत्रण में आने में छह से आठ महीने का समय ताे लग ही जाएगा। अप्रैल से जुलाई तक करीब 40 सावे थे।

बैंड-बाजे, कैटरिंग सबका धंधा चाैपट : आखातीज पर बैंड बाजे व कैटरिंग का व्यवसाय काफी चलता है। इस बार सभी कैटर्स और बैंड बाजे वालाें का धंधा चाैपट हाे रखा है। इन लाेगाें काे अब नवंबर में आने वाले सावाें से ही उम्मीद है। बैंड-बाजा व्यवसाय से जुड़े श्याम देराश्री का कहना है कि वैक्सीनेशन हाे रहा है। उम्मीद है कि आगामी सीजन अच्छा रहेगा। लोग डेट आगे बढ़ा रहे, उससे भरपाई करेंगे।

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