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'छोटा चुनाव', जिम्मेदारी बड़ी:बीकानेर जिले में पालिका चुनाव में कोई असम से 2500 किमी. तो कोई मुंबई से वोट डालने आया, बोले- कस्बे के प्रति यह हमारी जिम्मेदारी

बीकानेर3 महीने पहले
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मुंबई से आया परिवार नोखा में एक साथ मतदान करने पहुंचा। फोटो : राजेश अग्रवाल - Dainik Bhaskar
मुंबई से आया परिवार नोखा में एक साथ मतदान करने पहुंचा। फोटो : राजेश अग्रवाल
  • बीकानेर की तीन नगर पालिका नोखा, श्रीडूंगरगढ़ और देशनोक में गुरुवार को मतदान हो रहा है

बीकानेर जिले की तीन नगर पालिक नोखा, श्रीडूंगरगढ़ और देशनोक में गुरुवार को पार्षद चुनने के लिए वोट डाले जा रहे हैं। यह चुनाव है तो महज एक मोहल्ले के पार्षद का। लेकिन प्रतिष्ठा इतनी बड़ी है कि वोट देने के लिए कोई असम से 2500 किमी का तो मुंबई से फ्लाइट से वोट डालने के लिए पहुंचा। इसका कारण यह भी है कि पार्षद के चुनाव में ज्यादातर लोगों के परिचित के लोग ही मैदान में हैं। किसी का रिश्तेदार तो किसी का बचपन का दोस्त।

एक अनुमान के मुताबिक, अकेले नोखा नगर पालिका में 4 हजार से ज्यादा लोग सिर्फ वोट देने के लिए बाहर से आए हैं। नोखा के रहने वाले काफी लोग कारोबार के सिलसिले में दूसरे राज्यों में रहते हैं।

इसके अलावा, श्रीडूंगरगढ़ और देशनोक में भी काफी लोग कोलकाता, असम, गुजरात व महाराष्ट्र में काम करते हैं। वैसे तो सालों यह यहां नहीं आते हैं। लेकिन, पार्षद चुनाव के दौरान बकायदा इन लोगों को आमंत्रित किया जाता है। पार्षद चुनाव का प्रत्याशी फोन करता है। निमंत्रण भेजता है। ऐसे में परिवार वालों से मिलने की इच्छा के साथ ही वोट डालने की जिम्मेदारी इन्हें यहां खींच लाती है।

मुंबई से आया परिवार नोखा में एक साथ मतदान करने पहुंचा। फोटो : राजेश अग्रवाल
मुंबई से आया परिवार नोखा में एक साथ मतदान करने पहुंचा। फोटो : राजेश अग्रवाल

ओडिशा से आए सुरेश बोले- वोटिंग का चांस कभी मिस नहीं किया
नोखा के रहने वाले सुरेश भूरा अभी ओडिशा के भुवनेश्वर में रहते हैं। वह पार्षद चुनाव मैदान में उतरे अपने रिश्तेदार को वोट देने के लिए 2077 किलोमीटर की दूरी तय करके यहां आए हैं। वह कहते हैं कि मतदान करने का कोई अवसर नहीं छोड़ना चाहते हैं। फिर हमारे कस्बे का रखरखाव तो ये लोग ही करते हैं।

जुगल राठी असम में रहते हैं। वह 2577 किलोमीटर का सफर करके आए हैं। वह कहते हैं इस बहाने रिश्तेदारों से मिलना हो जाता है और मतदान की जिम्मेदारी भी पूरी होती है। वहीं मूलचंद गट्‌टानी असम के जोराहट से 2519 किलोमीटर से नोखा आए हैं। सब का उद्देश्य मतदान करना है तो साथ ही अपने कस्बे के लोगों से मिलना भी।

मुंबई से आकर 99 साल की मां के साथ वोट दिया
मुंबई से करीब 1200 किलोमीटर की यात्रा करके सत्यनारायण झंवर नोखा आए हैं। शुक्रवार सुबह वो अपनी 99 वर्षीय मां मोहिनी देवी के साथ वोट देने गए। तब उनके साथ मोहिनीदेवी का पौत्र किशन भी था। सत्यनारायण झंवर का मानना है कि मतदान हमारे कस्बे के प्रति हमारी जिम्मेदारी है।

ऐसा नहीं है कि ये लोग सिर्फ पालिका चुनाव में ही आते हैं। विधानसभा चुनाव में तो संख्या इससे भी कई गुना अधिक होती है। सांसद और ग्राम पंचायत चुनाव में अलबत्ता कम लोग आते हैं। पालिका चुनाव में प्रत्याशियों की संख्या अधिक होने और किसी न किसी तरह की रिश्तेदारी या फिर मित्रता उन्हें खींच लाती है।

श्रीडूंगरगढ़ में मतदान करने पहुंची एक विकलांग वृद्धा।
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