पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Bikaner
  • Three Lakhs Were Robbed From The First Post Office, 108 Days Were Not Caught, Then They Robbed One Million From The Bank, Now The Police Have Gone

दो लूट, दो गिरफ्तार:पहले डाकघर से 3 लाख लूटे, 108 दिन नहीं पकड़े गए तो बैंक से 10 लाख रुपए लूट लिए, अब पुलिस के हत्थे चढ़े

बीकानेर5 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
बीकानेर के डाकघर और बैंक लूट में शामिल दोनों युवकों को पुलिस ने बापर्दा पेश किया है। - Dainik Bhaskar
बीकानेर के डाकघर और बैंक लूट में शामिल दोनों युवकों को पुलिस ने बापर्दा पेश किया है।

बीकानेर के रेलवे कॉलोनी स्थित डाकघर से रिवॉल्वर की नोक पर तीन लाख रुपए की लूट के बाद मुक्ता प्रसाद नगर स्थित राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक (RMGB) में फायरिंग करके दस लाख रुपए लूट ले जाने की घटना अलग अलग घटनाओं को किसी गैंग ने नहीं बल्कि स्थानीय युवकों ने ही अंजाम दिया था। 5 महीने की लंबी पड़ताल के बाद पुलिस ने आखिरकार दोनों युवकों को दबोच लिया है और दोनों का नाम धीरज है। इस पूरी पड़ताल में साइबर सेल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दोनों युवकों से एक पिस्टल और आठ जिंदा कारतुस बरामद किए गए हैं।

बीकानेर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक प्रफुल्ल कुमार और पुलिस अधीक्षक प्रीति चंद्रा ने रविवार को बताया कि इन दोनों युवकों ने ही लूट की वारदात को अंजाम दिया था। इनमें एक सर्वोदय बस्ती में रहने वाला धीरज उर्फ धर्मप्रीत सिंह पुत्र जसवंत सिंह है तो मुक्ता प्रसाद कॉलोनी में ही रहने वाला दूसरा धीरज पुत्र नरसिंह मेघवाल है। इन लोगों ने पूरी रैकी करके डाकघर और बैंक पर लूट की वारदात को अंजाम दिया था।

ऐसे दिया वारदात काे अंजाम

दोनों युवकों ने बीकानेर शहर के कम भीड़भाड़ वाले जगह पर स्थित फाइनेंशियल सरकारी कार्यालय बैंक, डाक घर की रैकी की। घटना से पहले यह लोग दो-तीन बार डाक घर और बैंक के अंदर गए। इधर-उधर देखा कि कहां से अंदर आ सकते हैं, कहां से निकल सकते हैं, रुपए कहां रखे जा सकते हैं, इन दोनों को रेलवे कॉलोनी का डाकघर और मुक्ताप्रसाद नगर का ग्रामीण बैंक रास आ गया। यहां सिक्योरिटी भी नहीं थी, ऐसे में लूट बहुत आसान थी।

CCTV पर नजर

इन दोनों युवकों ने उस डाकघर और बैंक का चयन किया, जिसके आसपास ज्यादा CCTV भी नहीं लगे हुए हैं। लूट के बाद फरार भी उसी रास्ते से होते थे, जहां घरों के बाहर CCTV न हो। इसी कारण पुलिस को मौके से CCTV फुटेज के अलावा कोई लाभ नहीं हुआ।

टाेपी और गमछा केंक जाते थे

दोनों लूट से पहले टोपी और गमछे के साथ नए कपड़े बाजार से खरीदे थे। लूट के बाद नये कपड़े पहनते और गमछा टोपी रास्ते में ही फेंककर फरार हो जाते थे। ये दोनों अपने अपने घर बहुत सहजता के साथ पहुंचते थे, जैसे कुछ हुआ ही नहीं।

फायरिंग करते थे, ताकि लोग डर जाएं

दोनों ने तय कर रखा था कि हर हाल में एक बार फायरिंग करनी है, ताकि लोगों में भय हो जाए और पीछा नहीं करें। ऐसे में दोनों ने बिना जरूरत ही फायर किए। ग्रामीण बैंक में तो फायर से बैंक मैनेजर घायल हो गए थे, उसके सिर में छर्रे लगे थे।

ऐसे आए पकड़ में

पुलिस ने इन लुटेरों को गिरफ्तार करने में करीब पांच महीने लगा दिए लेकिन काम बहुत तकनीकी रूप से किया। दोनों युवकों ने घटना के वक्त अपने मोबाइल पास में नहीं रखे। पुलिस ने इनके मोबाइल की लोकेशन घटना के बाद की पता की। घटना के बाद वो कभी बीकानेर से बाहर जाते तो कभी इधर से उधर। पुलिस को इन पर शक हो गया। कई लोगों पर नजर रखने के बाद इन दाेनों युवकों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में पता चला कि लूट की वारदात को इन्हीं दोनों ने अंजाम दी है।

डेढ़ महीने में 11 वारदातों के खुलासे

1. नयाशहर थाना क्षेत्र में 12 फरवरी 20 को नयाशहर में 800 ग्राम सोने की लूट

2. नयाशहर में 20 जनवरी 21 को व्यापारी के साथ एक लाख बीस हजार रुपए की लूट

3. गंगा शहर में व्यापारी के साथ बैग लूट

4. कोतवाली में दो फरवरी को व्यापारी से चालीस हजार रुपए की लूट

5. पूगल थाना क्षेत्र में 16 फरवरी को प्राइवेट लोन कंपनी के कलेक्शन मैनेजर से 3 लाख रुपए की लूट

6. नयाशहर में सात लाख रुपए की हींग की चोरी का पर्दाफाश

7. JNVC में केसी ज्वैलर्स के यहां से सात किलो चांदी और दस ग्राम सोना चोरी

8. नयाशहर थाना क्षेत्र में छह अवैध हथियारों का पर्दाफाश

9. कोटगेट थाना क्षेत्र में मोबाइल चोरी

10. JNVC में सफारी और कैम्पर गाड़ी चोरी

11. गंगाशहर और नयाशहर थाना क्षेत्र में फायरिंग घटना का मुख्य अभियुक्त शिव सिंह भलूरी गिरफ्तार