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कब होंगे RTE के फ्री एडमिशन:राज्य के प्राइवेट स्कूल्स में फ्री एज्युकेशन दिलाने के लिए इस साल नहीं हुए एडमिशन, आधा सेशन बीत गया, लेकिन एडमिशन प्रोसेस ही शुरू नहीं

बीकानेर13 दिन पहले
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हर साल राज्य के प्राइवेट स्कूल्स में एडमिशन के लिए RTE के तहत 25 प्रतिशत सीटों पर एडमिशन दिया जाता है। - Dainik Bhaskar
हर साल राज्य के प्राइवेट स्कूल्स में एडमिशन के लिए RTE के तहत 25 प्रतिशत सीटों पर एडमिशन दिया जाता है।

कोरोना काल में लाखों की संख्या में स्टूडेंट्स प्राइवेट स्कूल छोड़कर सरकारी स्कूलों में चले गए तो शिक्षा विभाग ने शिक्षा का अधिकार कानून (RTE) के तहत आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को प्राइवेट स्कूल में प्रवेश ही नहीं दिलाया। सेशन 2020-21 आधा बीत चुका है लेकिन RTE के तहत एडमिशन अभी शुरू नहीं हुए। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने राज्य सरकार को प्रस्ताव तो भेज दिए लेकिन वहां से हरी झंडी नहीं मिल रही।

हर साल राज्य के प्राइवेट स्कूल्स में एडमिशन के लिए RTE के तहत 25 प्रतिशत सीटों पर एडमिशन दिया जाता है। पहली कक्षा में होने वाले ये एडमिशन आमतौर पर मई-जून में हो जाते हैं लेकिन इस बार अक्टूबर का पहला सप्ताह बीतने तक भी प्रोसेस शुरू नहीं हो पाया है। ऐसे में आर्थिक रूप से पिछड़े गार्जन ने अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में ही भर्ती करा दिया। कुछ ने फीस देकर प्राइवेट स्कूल में भर्ती करा दिया है।

महात्मा गांधी स्कूल का असर

दरअसल, शिक्षा विभाग ने इसी सत्र में करीब साढ़े तीन सौ नए महात्मा गांधी स्कूल शुरू किए हैं। इन स्कूल्स में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई करवाई जा रही है। आम आदमी ने अपने बच्चों को यहां एडमिशन दिलाने में अच्छी खासी रुचि दिखाई। जो गार्जन प्राइवेट स्कूल में बच्चों को भेजना चाह रहे थे वो अब महात्मा गांधी स्कूल में भेजना चाह रहे हैं। पिछले दिनों महात्मा गांधी स्कूल्स में एडमिशन पूर्ण होने के बाद अब RTE एडमिशन के लिए प्रोसेस शुरू हो सकता है।

निदेशालय ने भेजे प्रस्ताव

दरअसल, शिक्षा विभाग ने 11 अक्टूबर से ही एडमिशन प्रोसेस शुरू करने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा था लेकिन अब तक कोई जवाब सरकार ने नहीं दिया है। अगर 11 अक्टूबर से भी ये प्रोसेस शुरू होता है तो करीब पंद्रह दिन तक एडमिशन नहीं होंगे। इसके बाद दीपावली की छुटि्टयां हो जाएगी। ऐसे में RTE में एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स को दीपावली के बाद ही पढ़ाई के स्कूल नसीब होगा।

पिछली फीस भी बकाया

शिक्षा विभाग ने अब तक राज्य के किसी भी स्कूल को कोरोना काल की बकाया फीस नहीं दी है। ऐसे में प्राइवेट स्कूल संचालक भी इस बार RTE एडमिशन के लिए ज्यादा प्रयास नहीं कर रहे। स्कूल्स की डिमांड है कि पहले बकाया फीस जमा करवाई जाए। इसके बाद ही नए एडमिशन लिए जायेंगे।

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