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दो दिवसीय एआईआरएफ का वार्षिक अधिवेशन:रेलवे काे निजीकरण से बचाने के लिए ट्रेड यूनियन आंदाेलन तेज करेगी

बीकानेर2 महीने पहले
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ऑल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन एअाईअारएफ का 96वां दाे दिवसीय वार्षिक अधिवेशन (वर्चुअल) संपन्न हुआ। अध्यक्ष एन कनैया ने कांफ्रेंस की शुरुआत करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की कथनी एवं करनी में अंतर है। रेलवे के निजीकरण के मुद्दे पर सार्वजनिक तौर पर मनाई करते हैं, लेकिन वास्तव में इस कार्य में लगे हुए हैं।

भारतीय रेल के अस्तित्व को बचाने के लिए ट्रेड यूनियन आंदोलन को ताकत प्रदान करनी होगी। एआईआरएफ महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा, मुकेश माथुर ने रेल कर्मियों की मांगों का प्रस्ताव रखा, जिसमें भारतीय रेल का निजीकरण नहीं करने, रेल कर्मियों को कोविड-19 की सुविधाओं के लिए फ्रंट लाइन वर्कर घोषित करने, महंगाई भत्ता एवं राहत के एरियर का भुगतान करने, रात्रि ड्यूटी करने वाले सभी कर्मचारियों को रात्रि ड्यूटी भत्ता भुगतान करना शामिल था। नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एंप्लाइज यूनियन अध्यक्ष अनिल व्यास, मोहम्मद सलीम कुरैशी, सूरतगढ़ ब्रांच से बहादुरसिंह सहित 500 से अधिक प्रतिनिधियों ने वर्चुअल कांफ्रेंस में भाग लिया।

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