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  • Traffic Will Increase 3 Times Only By Changing Delhi's Regular Flight And Time; Aviation Minister's Report Bikaner Airport In Loss Of 19.24 Crores In 3 Years

हमें चाहिए लंबी उड़ान : पार्ट 1:दिल्ली की रेगुलर फ्लाइट व टाइम चेंज करने से ही 3 गुना बढ़ जाएगा ट्रैफिक; एविएशन मंत्री की रिपोर्ट- बीकानेर एयरपोर्ट 3 साल में 19.24 करोड़ घाटे में

बीकानेर6 महीने पहले
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बीकानेर एयरपोर्ट पर सालाना घाटा : 2018 में 5.18 करोड़, 2019 में 6.6 करोड़, 2020 में 7.46 करोड़ रुपए - Dainik Bhaskar
बीकानेर एयरपोर्ट पर सालाना घाटा : 2018 में 5.18 करोड़, 2019 में 6.6 करोड़, 2020 में 7.46 करोड़ रुपए
  • सप्ताह में 3 दिन सिर्फ 1 फ्लाइट, कनेक्टिविटी की प्राॅब्लम भी
  • 4500 लोग कोविड से पहले हर महीने दिल्ली-जयपुर जाकर बड़े शहरों की फ्लाइट लेते थे
  • 80 प्रतिशत लोग हर दिन दिल्ली से आगे की कनेक्टिंग फ्लाइट लेते हैं

बीकानेर जहां देश के बड़े शहरों से एयर कनेक्टीविटी की उम्मीद लगाए हैं वहीं सरकार के लिए यह एयरपोर्ट और यहां सेवाएं संचालित करना घाटे का सौदा है। नगरीय विमानन राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह ने संसद में एक लिखित जवाब में बताया है कि 75 प्रतिशत एयरपोर्ट घाटे में हैं।

इनमें राजस्थान के सभी सिविल एयरपोर्ट शामिल हैं। बीकानेर एयरपोर्ट बीते तीन सालों में 19.24 करोड़ रुपए घाटे में रहा। बीते साल प्रदेश में सबसे ज्यादा 50.67 करोड़ घाटे वाला एयरपोर्ट जयपुर का है। राजस्थान के संचालित और गैर संचालित सभी एयरपोर्ट नुकसान में होने के साथ ही देश में ऐसे एयरपोर्ट को घाटे से उबारने के लिए एयरपोर्ट इकोनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एरा) से परामर्श की बात भी कही गई है।

मंत्री के इस जवाब पर भास्कर ने जब बीकानेर में एयर सर्विसेज की संभावनाएं और जरूरतों पर पड़ताल की तो सामने आया है कि हमें लंबी दूरी की बड़ी फ्लाइट की तो जरूरत है। साथ ही वर्तमान में दिल्ली के लिए चल रही फ्लाइट को भी नियमित करके समय में बदलाव किया जाए तो एयर ट्रैफिक लोड दो से तीन गुना बढ़ सकता है।

सामने आया कि कोविड पेनडेमिक से पहले हर महीने बीकानेर के साढ़े चार हजार लोग दिल्ली से कोलकाता, गुवाहाटी, सूरत, अहमदाबाद, गुवाहाटी आदि शहरों के लिए यात्रा करते रहे हैं। इनमें से अधिकांश अब भी कनेक्टिंग फ्लाइट नहीं होने से ट्रेन के सैकंड या फर्स्ट श्रेणी को चुनते हैं।

अब भी दिल्ली की फ्लाइट से जा रहे 80 प्रतिशत यात्री वहां जाकर कनेक्टिंग फ्लाइट लेते हैं। अभी चल रही दिल्ली की फ्लाइट का समय बीकानेर से दोपहर दो बजे हैं। इस टाइम शेड्यूल में बदलाव कर सुबह जल्दी चलाई जाएं तब भी यात्री भार बढ़ सकता है।

भास्कर EXPLAINER- दो एटीआर का एप्रन, अभी एक ही चल रहा

बीकानेर के नाल सिविल एयरपोर्ट का एप्रन यानी प्लेन को खड़ा करने की जगह छोटी है इसके बावजूद यहां 72 टापइ दो एटीआर एक साथ खड़े हो सकते हैं। बड़े प्लेन यहां नहीं आ सकते। यहां से दिल्ली के लिए 26 सितंबर 17 को फ्लाइट शुरू हुई जो कोविड के दौरान मार्च से मई 2020 तक पूरी तरह बंद रही। अब सप्ताह में तीन दिन चल रही है। जयपुर के लिए 23 मार्च 18 से 18 मार्च 19 तक फ्लाइट चली, जो अब बंद है।

एक्सपर्ट: टूर ऑपरेटर नवीन सांखला, राजू, अनिल मिढ़ा, उद्यमी कन्हैयालाल बोथरा।
एक्सपर्ट: टूर ऑपरेटर नवीन सांखला, राजू, अनिल मिढ़ा, उद्यमी कन्हैयालाल बोथरा।

उड़ान योजना खत्म होते ही किराया बढ़ा, इसका भी असर

रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम यानी उड़ान योजना में यहां फ्लाइट शुरू हुई थी। इस योजना में बीकानेर से दिल्ली का किराया लगभग 2400 रुपए लग रहा था। स्कीम अवधि पूरी होने के बाद अब बाजार दर पर किराया शुरू हो चुका है। इस बढे किराये का भी यात्रीभार पर असर पड़ा है।