सरकार का कौशल अविकास:ऑक्सीजन प्लांट संचालन के लिए आईटीआई फिटर को ट्रेनिंग दिलाई; हैल्थ अफसर बोले-जरूरत नहीं, प्लांट गारंटी पीरियड में

बीकानेर9 दिन पहले
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180 घंटे की ट्रेनिंग दी गई थी प्रदेश के 290 आईटीआई फिटर को - Dainik Bhaskar
180 घंटे की ट्रेनिंग दी गई थी प्रदेश के 290 आईटीआई फिटर को

पिछले साल कोरोना संक्रमण के समय लगातार स्थापित किए जा रहे ऑक्सीजन प्लांट का संचालन और मेंटेनेंस के लिए सरकार ने प्रत्येक जिले से 10-10 आईटीआई फिटर को 180 घंटों की स्पेशल ट्रेनिंग कराई। लिखित परीक्षा भी ली और सफल होने वालों को प्रमाण-पत्र दिए। लेकिन बाद में उन्हें कहीं नहीं लगाया गया। हैल्थ अफसरों का कहना है कि प्लांट गारंटी पीरियड में हैं, उनके यहां भी कंपाउंडर और टेक्नीशियन को ट्रेनिंग दी थी। किसी बाहरी को क्यों लगाएं। सरकार से ऐसे आदेश नहीं मिले हैं।

2020 में कोरोना महामारी के दौरान सीरियस मरीजों को सबसे ज्यादा जरूरत ऑक्सीजन की हुई थी। इसे देखते हुए हर जिले में ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए थे। इन प्लांट का संचालन और रखरखाव के लिए केन्द्र सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय ने जोधपुर के तकनीकी शिक्षा निदेशक को युवाओं को ट्रेनिंग देने के लिए पत्र लिखा था। उसके बाद प्रत्येक जिले से 10-10 आईटीआई फिटर का चयन किया गया। 290 युवाओं को जयपुर के झालाना डूंगरी स्थित क्षेत्रीय विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय ने 80 घंटों की ऑनलाइन ट्रेनिंग दी थी।

उसके बाद इन प्रशिक्षणार्थियों को जिलों के अस्पतालों में भेजा गया और वहां ऑक्सीजन प्लांट में 100 घंटे की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी दी गई। बीकानेर में इसके लिए डॉ. शंकरलाल जाखड़ को नोडल अधिकारी बनाया गया था। उसके बाद निम्मी की ओर से 16 दिसंबर, 21 को एक लिखित परीक्षा भी ली गई। इसके बाद पास होने वाले 283 युवाओं को सर्टिफिकेट और नौकरी का आश्वासन देकर भुला दिया गया। अब ट्रेनिंग लेने वाले युवा नौकरी के लिए दर-दर भटक रहे हैं। जिले के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से लेकर मंत्री परसादीलाल मीणा से मिल चुके, लेकिन इनकी सुनवाई नहीं हुई। अब हाईकोर्ट में स्वास्थ्य महकमे को नोटिस भेजा है।

  • राज्य में अनट्रेंड नर्सिंग कर्मियों को ऑक्सीजन प्लांट पर लगा रखा है, जबकि उन्हें तकनीकी नॉलेज नहीं है। लीकेज होने पर टेक्निशियन को ही बुलाना पड़ता है। दूसरी ओर आईटीआई से फिटर पास जिन युवाओं को प्लांट संचालन के लिए ट्रेनिंग दी गई थी, वे नियुक्ति की आस में बेरोजगार बैठे हैं। स्वास्थ्य महकमे के स्थानीय अधिकारियों से लेकर जयपुर में आला अधिकारियों और मंत्री तक से मिल चुके। किसी ने नहीं सुना। अब न्यायालय में जाएंगे। - बजरंगसिंह शेखावत, ट्रेनिंग लेने वाला युवा
  • आईटीआई फिटर को ऑक्सीजन प्लांट संचालन के लिए ट्रेनिंग कराई गई थी। लेकिन, उनकी नियुक्ति के संबंध में सरकार से कोई दिशा-निर्देश नहीं है। ट्रेनिंग लेने वालों का क्या हुआ, मेरी जानकारी में नहीं है। - डॉ. बीएल मीणा, सीएमएचओ
  • ऑक्सीजन प्लांट के संचालन को लेकर मेडिकल कॉलेज बीकानेर में दो दिवसीय ट्रेनिंग प्रोग्राम रखा था। इसमें श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर तथा चूरू के एक-एक कंपाउंडर और टेक्निशियन को ट्रेनिंग दी थी। वर्तमान में ऑक्सीजन प्लांट गारंटी पीरियड में है, ऐसे में इनमें तकनीकी खराबी होने के कम चांस हैं। इसके बावजूद बीकानेर संभाग में करीब 80 कंपाउंडर और टेक्निशियन को ऑक्सीजन प्लांट संचालन की ट्रेनिंग दे दी गई है। आईटीआई फिटर की ट्रेनिंग के संबंध में मुझे कोई जानकारी नहीं है। - डॉ. देवेन्द्र चौधरी, संयुक्त निदेशक, हैल्थ डिपार्टमेंट

बीकानेर में 20 ऑक्सीजन प्लांट, 11 पीबीएम में
बीकानेर में 20 ऑक्सीजन प्लांट हैं। इनमें से 11 पीबीएम अस्पताल और एक सेटेलाइट अस्पताल के पास है। देशनोक, नोखा, नापासर, श्रीडूंगरगढ़, खाजूवाला, कोलायत व लूणकरणसर में सात प्लांट हैं जो सीएमएचओ के अंडर में हैं। इनमें से कोलायत का बंद है। राज्य में करीब 475 ऑक्सीजन प्लांट हैं।

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