माफियाओं के हौसले बुलंद:दो दिन पहले एसडीएम ने अवैध खनन करते छह वाहन पकड़े, माफिया मौके से उड़ा ले गए

बीकानेर2 महीने पहले
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  • गजनेर थाने में दर्ज हुआ नामजद मामला, दो जगह की थी कार्रवाई

गजनेर के गंगापुरा में क्ले के अवैध खनन की जानकारी मिलने पर कोलायत एसडीएम वहां आकस्मिक चैकिंग के लिए पहुंचे। मौके से दो एक्सकेवेटर मशीन, ट्रैक्टर और चार डंपर पकड़े गए जिन्हें माफिया भगा ले गए। गुरुवार को कोलायत एसडीएम प्रदीप चाहर गजनेर पुलिस थाना क्षेत्र के गंगापुरा मोटावतान खनन पिट में आकस्मिक चैकिंग करने पहुंचे थे। वहां एक खेत में एक डी एक्सकेवेटर मशीन पकड़ी गई जिसे सीज करने के लिए कहा गया। वहां से कुछ दूरी पर दूसरी जगह पहुंचे तो ट्रैक्टर, एक मशीन और चार डंपर खड़े मिले जिन्हें सीज कर लिया।

इस दौरान माफिया लोग पहली वाली जगह सीज की गई मशीन लेकर फरार हो गए। वहां पहुंचे तो दूसरी जगह पकड़ी छह गाड़ियां भी ले भागे। इसकी जानकारी मिलने पर खान विभाग के अधिकारियों ने अपने कर्मचारियों को मौके पर भेजा।

कोलायत एएमई ऑफिस के फोरमैन तीर्थराज की ओर से गजनेर पुलिस थाने में गाड़ियां भगा ले जाने का केस दर्ज करवाया गया है। एफआईआर में बताया गया है कि पहली वाली जगह पकड़ी गई मशीन गोविन्दसिंह व अजीतसिंह की और दूसरी जगह की छह गाड़ियां भोमाराम की है।

एक मशीन लाखनसिंह की भी थी। उसने खान विभाग को 1.31 लाख रुपए की पैनल्टी देकर मशीन छुड़ा ली। गौरतलब है कि गंगापुरा वही जगह है जहां कलेक्टर-एसपी ने मौके पर क्ले का अवैध खनन पकड़ा था। दोनों अधिकारियों की इस कार्रवाई के बाद भी वहां अवैध खनन जारी रहा।

गंगापुरा में गाड़ियां पकड़े जाने की सूचना मिलने पर कर्मचारियों को मौके पर भेजा गया। रिपोर्ट तैयार करने के बाद गजनेर पुलिस थाने में गाड़ियां भगा ले जाने का मुकदमा दर्ज करवाया गया है। एक मशीन के मालिक ने पैनल्टी जमा करवा दी।
-राजेन्द्र बलारा, एमई बीकानेर

घटनाक्रम पर शक : मामले में जानकारी अधूरी दर्ज करवाई
कोलायत एसडीएम की ओर से गंगापुरा में पांच अगस्त को कार्रवाई कर गाड़ियां पकड़ी गईं, लेकिन एफआईआर दो दिन बाद दर्ज करवाई गई है। इसके अलावा एफआईआर में बताया गया है कि मौके पर कोई खनन नहीं हो रहा था, तो फिर गाड़ियां क्यों पकड़ी। सबसे चौंकाने वाली बात तो यह है कि एसडीएम की ओर से गाड़ियां पकड़े जाने के बाद माफिया इतनी आसानी से गाड़ियां लेकर कैसे भाग गए। पूरे मामले को शक की निगाहों से देखा जा रहा है। एसडीएम ने दो दिन बाद एफआईआर दर्ज करवाई और उसमें भी जानकारी अधूरी दर्ज की।

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