सांखला फाटक पर अंडरपास के लिए फिर बनाई जाएगी डीपीआर:यूडीएच मंत्री ने तीन महीने बाद लौटाई फाइल, एक ही फर्म ने भरा था टेंडर इसलिए निरस्त कर दिया

बीकानेर2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

सांखला रेल फाटक पर अंडरपास बनने में अभी वक्त लगेगा। इसकी डीपीआर के लिए टेंडर को मंजूरी नहीं मिली। यूडीएच मंत्री ने फाइल लौटा दी है। यूआईटी ने जून में अप्रूवल के लिए फाइल यूडीएच विभाग को भेजी थी। कोयला गली से अंडरपास की डीपीआर के लिए यूआईटी ने टेंडर किया था। एक ही फर्म ने ऑन लाइन बिड दाखिल की। डीपीआर की दर 11.50 लाख रुपए आई। यूआईटी ने मंजूरी के लिए फाइल यूडीएच विभाग भेजी।

मंत्री शांति धारीवाल तक फाइल गई। उन्होंने इस पर यूआईटी अध्यक्ष नमित मेहता से टिप्पणी मांगी। चूंकि एक ही फर्म ने निविदा भरी थी इसलिए मेहता ने बिड निरस्त कर दी। अब दुबारा टेंडर लगाया जाएगा। इससे मामला लंबा खिंच गया है। गौरतलब है कि यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल पिछले महीने प्रशासन शहरों के संग अभियान के सिलसिले में बीकानेर आए थे।

तब उन्होंने सांखला फाटक की समस्या को देखा था। यूआईटी के अधिकारियों ने समाधान करने के लिए कोयला गली से मटका गली तक अंडरपास बनाने की योजना बताई थी। जबकि डीपीआर के लिए फाइल जून में ही यूडीएच विभाग को भेज दी गई थी।

यूआईटी को नए सिरे से बनानी होगी प्लानिंग

अंडरपास की डीपीआर बनाने के लिए 11.50 लाख रुपए का टेंडर लगा था, जबकि यूआईटी को 10 लाख की ही पावर है। टेंडर भी एक ही फर्म ने भरा। दो फर्म आती तो कंपीटिशन होता। नेगोसिएशन में रेट और कम आती। यूआईटी को इसके लिए अब नए सिरे से योजना बनानी होगी।

अंबेडकर सर्किल पर अंडरपास के टेंडर की अप्रूवल भी यूडीएच में अटकी

अंबेडकर सर्किल पर अंडरपास बनाने के लिए छठी बार यूआईटी का टेंडर सक्सेस तो हो गया, लेकिन उसकी अप्रूवल यूडीएच विभाग में अटकी हुई है। प्रोजेक्ट कॉस्ट 5.50 करोड़ होने के कारण इसकी मंजूरी यूडीएच विभाग से मिलनी है। यूआईटी ने पिछले महीने फाइल मंजूरी के लिए भेजी थी। सरकार ने 2017 में अंडरपास की मंजूरी दी थी। यूआईटी ने 2019 से टेंडर प्रक्रिया शुरू की। तीन साल में छठी बार में जाकर टेंडर लगा है। यूडीएच से मंजूरी मिलने के बाद फर्म को वर्क ऑर्डर जारी किया जाएगा।

खबरें और भी हैं...