संभागीय आयुक्त ने कहा:श्रीगंगानगर हाइवे पर झुग्गी-झोंपड़ी वालों को 1 माह में शिफ्ट करने का अल्टीमेटम, प्रशासन ने प्लाॅटिंग शुरू की

बीकानेर9 दिन पहले
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 प्रशासन को श्रीगंगानगर रोड पर झुग्गी-झोंपड़ी वालों को एक माह में शिफ्ट करना होगा। - Dainik Bhaskar
 प्रशासन को श्रीगंगानगर रोड पर झुग्गी-झोंपड़ी वालों को एक माह में शिफ्ट करना होगा।

प्रशासन को श्रीगंगानगर रोड पर झुग्गी-झोंपड़ी वालों को एक माह में शिफ्ट करना होगा। कमिश्नर की ओर से अल्टीमेटम मिलने के बाद करणी इंडस्ट्रियल एरिया में प्लाटिंग कर दी गई है जहां 256 परिवारों को बसाया जाएगा। करीब दो माह से श्रीगंगानगर हाइवे पर सड़क के दोनों ओर झुग्गी-झौंपड़ी बनाकर बसे सैकड़ों परिवारों को शिफ्ट करने की मशक्कत की जा रही है।

काम में देरी को देखते हुए कमिश्नर नीरज के. पवन ने जिला प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए एक माह में शिफ्ट करने के लिए कहा है। उसके बाद यूआईटी ने करणी इंडस्ट्रियल एरिया में प्लाटिंग का काम शुरू कर दिया है। रहने के लिए 10 बाई 15 और 10 बाई 10 के प्लाॅट चिह्नित किए जा रहे हैं। परिवार में ज्यादा सदस्य होने पर बड़ा साइज दिया जाएगा। पानी-बिजली की व्यवस्था कर दी है। सर्वे में 256 परिवारों को चिह्नित किया गया है जिन्हें श्रीगंगानगर हाइवे से हटाकर करणी इंडस्ट्रियल एरिया में बसाना है। अगर वहां जगह कम पड़ी तो यूआईटी शेष परिवारों को बीछवाल हैडवर्क्स के पास बसाएगी। श्रीगंगानगर हाइवे पर जमे लोगों में ज्यादातर लूणकरणसर, हनुमानगढ़, सूरतगढ़, पंजाब के लोग हैं। गौरतलब है कि कलेक्टर भगवतीप्रसाद कलाल ने शिफ्टिंग के लिए 12 मार्च को कमेटी गठित की थी जिसे सर्वे ओर बसाने के लिए जगह फाइनल करने का काम सौंपा था।

प्रशासन की सबसे बड़ी मुश्किल - पहले से जमीन और मकान वालों को पहचानना : प्रशासन ने सर्वे कर 256 लोगों को तो चिह्नित किया है, लेकिन श्रीगंगानगर हाईवे पर ऐसे परिवार भी जमे हैं जिनके ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन-मकान हैं। प्रशासन के लिए सबसे बड़ी मुश्किल उनकी पहचान करना है। क्योंकि उन्हीें लोगों को तय जगह बसाना है जिनके पास रहने के लिए कोई और जगह नहीं है। इसके अलावा सालों से जमे लोग आसानी से दूसरी जगह बसने के लिए तैयार नहीं होंगे।

कमेटी में ये शामिल : बीकानेर एनएचआई के परियोजना प्रबंधक, पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन नगर खंड, यूआईटी के एक्सईएन व तहसीलदार सहित राजस्व तहसीलदार को कमेटी में शामिल किया गया है। कमेटी की सहायता के लिए चार-चार सदस्यों की छह टीमें भी बनाई गई हैं। प्रत्येक टीम के साथ चार पुरुष और दो महिला कांस्टेबल रहेंगे।

दो साइज की प्लाटिंग की जा रही है जहां श्रीगंगानगर हाईवे पर बसे अतिक्रमियों को बसाया जाएगा। शिफ्टिंग के लिए लोगों को समझा रहे हैं। नहीं माने तो सख्ती की जाएगी। -नरेन्द्रसिंह राजपुरोहित, यूआईटी सचिव

पुलिस की मदद से करेंगे शिफ्ट : झुग्गी-झौंपड़ी वालों की शिफ्टिंग के लिए पुलिस को अलर्ट किया गया है। सीओ सदर पवन कुमार भदौरिया और बीछवाल थाना एसएचओ को अपने अधीन पुलिस जाप्ते के साथ तैयार रहने को कहा गया है। इसके अलावा पुलिस लाइन से चार एसआई या एएसआई और आठ हेड कांस्टेबल या कांस्टेबल सहित आठ महिला कांस्टेबल को भी बीछवाल थाने भेजा गया है।

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