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मिशन समर्थ:जिन बच्चों को सुनाई नहीं देता उनके लिए साइन लैंग्वेज में तैयार हो रहे हैं वीडियो

बीकानेर2 महीने पहले
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  • नए सेशन में दिव्यांग स्टूडेंट्स की भी होगी ऑनलाइन पढ़ाई, कोरोना में बदला पढ़ने-पढ़ाने का तरीका

कोरोना में स्कूली बच्चों के पढ़ने-पढ़ाने का तरीका बदल गया है। स्कूल बंद होने के कारण बच्चों की ऑफलाइन पढ़ाई पिछले दो साल से बंद है। स्कूली बच्चों को ऑनलाइन कंटेंट ही उपलब्ध कराया जा रहा है। कोरोना अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। तीसरी लहर की आशंका के चलते नए सत्र में बच्चों के लिए स्कूल अभी नहीं खोले गए है।

हालांकि शिक्षा विभाग ने नए शिक्षा सत्र 2021-22 को लेकर तैयारियां शुरू कर दी है। आगामी 3 माह की कार्य योजना को लेकर माध्यमिक शिक्षा निदेशक में सभी संस्था प्रधानों को दिशा निर्देश भी जारी कर दी है। पिछली बार की तरह इस बार भी आगामी तीन माह के लिए बच्चों की पढ़ाई ऑनलाइन चलेगी। नए सत्र को लेकर शिक्षा विभाग ने कुछ नवाचार भी किए हैं।

नए सेशन में दिव्यांग विद्यार्थी भी ऑनलाइन पढ़ सकेंगे। दृष्टि बाधित और श्रवण बाधित विद्यार्थियों को ऑनलाइन स्टडी मेटेरियल उपलब्ध कराया जाएगा। शिक्षा विभाग ने इन बच्चों के लिए मिशन समर्थ शुरू किया है। श्रवण बाधित बच्चों के लिए साइन लैंग्वेज में सिलेबस के आधार पर वीडियो तैयार करवाए जा रहे हैं।

जबकि दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को यह सुविधा ऑडियो के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी। विद्यार्थियों के लिए वीडियो बनाने का काम शुरू हो चुका है। ऑनलाइन कंटेंट्स को स्माइल प्रोग्राम के माध्यम से दिव्यांग विद्यार्थियों को उपलब्ध कराया जाएगा।

88 हजार दिव्यांग स्टूडेंट्स चयनित, शेष को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए होगा सर्वे
राज्य में 88 हजार दिव्यांग स्टूडेंट्स चयनित है। जबकि राज्य में इनकी संख्या दो लाख के करीब है। शेष रहे श्रवण बाधित और दृष्टि बाधित विद्यार्थियों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से नए सत्र में अभियान भी शुरू किया जाएगा।

मिशन सामर्थ: इन पर फोकस

  • विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान कर उनके नामांकन को बढ़ाना
  • स्माइल कार्यक्रम के तहत बधिर स्टूडेंट्स के लिए वीडियो अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना
  • दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए ऑडियो स्टडी मैटेरियल
  • ‘आओ घर में सीखे 2’ प्रोग्राम के तहत वर्कशीट पहुंचाई जाएगी

मिशन समर्थ देशभर में अपनी तरह का पहला प्रोजेक्ट है। विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को इस प्रोजेक्ट के तहत ऑनलाइन स्टडी मटेरियल उपलब्ध होगा। वीडियो तैयार करवाने का काम शुरू हो गया है। -सौरभ स्वामी, निदेशक, माध्यमिक शिक्षा

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