हैरान बीकानेर का सवाल / राजनीतिक डिजायर से नहीं, पब्लिक डिमांड पर हाेती थी विष्णुदत्त बिश्नाेई की पाेस्टिंग

Vishnudatt Bishnai's pasting was on public demand, not with political desire
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Vishnudatt Bishnai's pasting was on public demand, not with political desire

  • जो झुका नहीं वो झूला कैसे
  • थाने से हटाने पर जनता कर देती थी उनके पक्ष में आन्दोलन

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 06:43 AM IST

बीकानेर. पुलिस महकमे में अब ज्यादातर पुलिस थानाें में एसएचओ की पाेस्टिंग राजनीतिक डिजायर पर हाेने लगी है। लेकिन, इंस्पेक्टर विष्णुदत्त बिश्नाेई ऐसे अधिकारी थे जिनके लिए जनता डिमांड करती थी। इतनी ही नहीं, उन्हें थाने से हटाने या दूसरे थाने में लगाने के विराेध में क्षेत्र के लाेग आन्दाेलन पर उतर आते थे।
पुलिस महकमे में सब इंस्पेक्टर भर्ती हुए विष्णुदत्त बिश्नाेई बीकानेर के नापासर, काेतवाली, व्यास काॅलाेनी, गंगाशहर, बज्जू, श्रीडूंगरगढ़ और कुछ समय सेरूणा पुलिस थाने में एसएचओ रहे। इस दाैरान उन्हाेंने अपराधियाें की नाक में नकेल ताे डाली ही, अपनी निष्पक्ष कार्यशैली से क्षेत्र के लाेगाें का विश्वास जीता। सालाें तक बीकानेर जिले में नाैकरी करने के कारण लाेग उनके काम से परिचित हाे गए।

वर्तमान में पुलिस थानाें में एसएचओ लगने के लिए राजनीतिक डिजायर की आवश्यकता मानी जाती है, ज्यादातर एसएचओ काे इसी आधार पर पाेस्टिंग भी मिल जाती है। लेकिन, विष्णुदत्त की कार्यशैली के कारण जनता उन्हें अपने थाना क्षेत्र में एसएचओ लगाने की डिमांड करती थी। इतना ही नहीं, अगर उन्हें थाने से हटाया जाता ताे जनता उनके पक्ष में आन्दाेलन पर उतर आती थी।

वर्ष, 11 में विष्णुदत्त की गंगाशहर पुलिस थाने में पाेस्टिंग के दाैरान भी ऐसा ही हुआ। एक प्रकरण के बाद उन्हें पुलिस थाने से हटाना तय हुआ ताे क्षेत्र के लाेग उनके पक्ष में धरने पर बैठ गए। उस समय आन्दाेलन करने वालाें में शामिल भाजपा नेता माेहन सुराणा बताते हैं कि उनके समय में गंगाशहर में आमजन काे बदमाशाें से राहत थी। वे आमजन की पीड़ा सुनकर निष्पक्ष कार्यवाही करते थे।

उन्हें राजनीतिक दबाव के कारण थाने से हटाया जा रहा था, इसलिए क्षेत्र के लाेगाें ने उनके पक्ष में आन्दाेलन किया। शनिवार काे विष्णुदत्त के राजगढ़ पुलिस थाने में सुसाइड करने की जानकारी मिलने पर बीकानेर नगर निगम के पार्षद मनाेज बिश्नाेई, आनंदसिंह साेढ़ा, सुभाष स्वामी, सुरेन्द्र डाेटासरा, महेन्द्र बड़गुजर और वसीम अब्बासी भी वहां पहुंचे।

पार्षदाें ने आईजी जाेसमाेहन से मिलकर सीबीआई से जांच करवाने की आवश्यकता जताई। विष्णुदत्त की ज्यादातर पोस्टिंग बीकानेर जिले में रही है। उन्होंने यहां खतूरिया कॉलोनी में मकान बना रखा था, जहां पत्नी व बच्चों के साथ रहते थे।
थाने काे संवार देते थे
विष्णुदत्त के एसएचओ रहते पुलिस थाना परिसर संवर जाया करते थे। उनकाे पाेस्टिंग जिस पुलिस थाने में हाेती थी, वे ज्वाइन करने के बाद सबसे पहले उस में कामकाज करवाकर उसे निखार देते थे। बीकानेर में पाेस्टिंग के दाैरान ताे उन्हाेंने ऐसा किया ही, दूसरे जिलाें में भी पुलिस थानाें में निर्माण कार्य करवाया। इसके अलावा वे स्टाॅफ का भी पूरा ध्यान रखते और सहयाेग करते थे।

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