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अभी और गहरा सकता है पेयजल संकट:जलदाय विभाग के पास केवल दो दिन का पानी, सप्लाई करना है 6 दिन, आने वाले दिनों में और बिगड़ सकते हैं हालात

बीकानेर19 दिन पहले
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बीकानेर के मोहल्लों में जल संकट कुछ इस तरह का है। - Dainik Bhaskar
बीकानेर के मोहल्लों में जल संकट कुछ इस तरह का है।

बीकानेर में जल संकट की अवधि का बड़ा हिस्सा निकल गया है, अब कुछ दिन शेष रहे हैं। हालांकि अंतिम दिनों में पानी का संकट एकबारगी ज्यादा बढ़ सकता है क्योंकि इंदिरा गांधी नहर से मिलने वाले पानी की शुद्धता की जांच के बाद ही सप्लाई की जाएगी। फिलहाल जलदाय विभाग के पास महज दो दिन का पानी है और इसे छह दिन तक वितरित करने की कोशिश की जा रही है।

बीकानेर को वैसे तो दो जून को ही इंदिरा गांधी नहर का पानी बीछवाल व शोभासर में मिलना शुरू हो जाएगा, लेकिन जल स्तर तीन जून तक ही बढ़ेगा। इसके बाद पानी की जांच होगी, उसमें मिट्‌टी सहित कई तरह के रसायनों की जांच की जाएगी। आशंका है कि शुरुआती पानी पीने योग्य नहीं होगा, तो लोगों को मिलेगा कैसे। ऐसे में पानी की जांच बार बार की जाएगी। जब मानदंडों के मुताबिक शुद्ध पानी नहीं आएगा, तब तक पानी की आपूर्ति नहीं होगी। जलदाय विभाग के आला अधिकारियों का मानना है कि चार या पांच जून से ही नहरी पानी की आपूर्ति संभव हो सकती है।

अगले कुछ दिन ज्यादा संकट

उधर, जल संकट अवधि के अंतिम दिनों में ज्यादा परेशानी हो सकती है। बीछवाल में इस समय 1.90 मीटर पानी है, जबकि शोभासर में 2.10 मीटर पानी है। आमतौर पर शोभासर को अतिरिक्त पानी मिल जाता है लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। ऐसे में जल संकट ज्यादा गहराया। शोभासर में एक-दिन छोड़कर एक दिन पानी देने पर तीन से चार दिन आपूर्ति हो सकती है। वहीं बीछवाल में ऐसे हालात में तीन दिन पानी मिल सकता है। आम दिनों की तरह आपूर्ति की जाये ता एक-दो दिन में सारा पानी खत्म हो सकता है।

आधा पानी, वो भी एक दिन बाद

आम दिनों में शोभासर से 80 एमएलडी पानी दिया जाता है लेकिन इन दिनों 40 एमएलडी से भी कम पानी दिया जा रहा है। ऐसे में दो दिन में एक बार पानी देकर भी आधा पानी ही दिया जा रहा है। वहीं बीछवाल में 70 एमएलडी पानी आता है, जहां से तीस एमएलडी दिया जा रहा है। यहां भी आधा पानी भी नहीं दिया जा रहा। आने वाले दिनों में जब दोनों ही जलाशयों में पानी नहीं होगा तो बड़ा संकट होगा।

कच्ची बस्ती में समस्या क्यों?

दरअसल, कच्ची बस्ती में रहने वाले परिवारों को रोज पानी चाहिए। इन घरों में जल संरक्षण करने के लिए कोई साधन नहीं है। ऐसे में हर रोज पानी की जरूरत है। ऐसे में एक दिन आपूर्ति रुकते ही इन परिवारों में संकट खड़ा हो जाता है।

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