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राजस्थान में 7 दिन पहले मानसून की एंट्री:झालावाड़ और उदयपुर के रास्ते पहुंचा, 24 घंटे में बांसवाड़ा, डूंगरपुर और चित्तौड़ जिले में देगा दस्तक, प्री मानसून में 46% ज्यादा बारिश

जयपुर/बीकानेर3 महीने पहले
जयपुर में शुक्रवार को धूप, छांव के बाद कुछ इलाकों में देर शाम हल्की बारिश हुई, जिससे मौसम सुहावना हो गया।

गर्मी से जूझ रहे राजस्थानियों के लिए अच्छी खबर है। खुशियों का मानसून शुक्रवार को 7 दिन पहले ही राज्य में प्रवेश कर गया है। दक्षिणी राजस्थान के झालावाड़ और उदयपुर के रास्ते इसकी एंट्री हुई। दोनों ही जिलों में मानसून के आने से हल्की बारिश हुई है। पिछले साल मानूसन 24 जून को राजस्थान में प्रवेश किया था। मौसम विभाग भी इस साल मानसून 24 जून के आसपास आने की संभावना जता रहा था।

मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटे में दक्षिण राजस्थान के बांसवाड़ा, डूंगरपुर और चित्तौड़ जिलों में अच्छी बारिश की संभावना है। हालांकि, प्री मानसून का पश्चिमी राजस्थान में शुक्रवार को अच्छा असर देखने को मिला। बाड़मेर, पाली, बीकानेर, चूरू में बारिश हुई है। बाड़मेर में तेज बारिश से पूरे शहर में लबालब पानी भर गया। यहां 40 MM बारिश से जनजीवन प्रभावित रहा। बीकानेर, चूरू में शाम के समय बूंदाबांदी हुई। नागौर के परबतसर में भी बारिश हुई। कई जिलों में बादल छाए पर बारिश का इंतजार रहा। जयपुर में भी दिन भर धूप और छांव की स्थिति बनी, लेकिन देर शाम यहां भी हल्की बौछारे पड़ी।

प्रतापगढ़ के धरियावद में देर शाम हुई बारिश।
प्रतापगढ़ के धरियावद में देर शाम हुई बारिश।

प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़ जिलों में बारिश का दौर शुरू

मानसून के आने के बाद प्रतापगढ़ जिले में बारिश का दौर शुरू हो गया। चित्तौड़गढ़ के निंबाहेड़ा और डूंगला क्षेत्र में भी अच्छी बारिश हुई। उधर प्री-मानसून से जयपुर, बीकानेर की ओर आने वाले मार्ग पर करीब 100 किलोमीटर तक मौसम सुहाना रहा। रिमझिम बारिश ने रेत के धाेरों को नहला दिया। इन दिनों में यह रेत में पैर तक नहीं रख सकते क्योंकि 45 डिग्री सेल्सियस तापमान में रेगिस्तान आगे की तरह जलने लगता है। इसके विपरीत इस बार यहां पारा दिन में 35 डिग्री के आसपास ही डोल रहा था।

बाड़मेर शहर में हुई 40MM बारिश के बाद गलियाें में जलभराव।
बाड़मेर शहर में हुई 40MM बारिश के बाद गलियाें में जलभराव।

जल्द पूरे राजस्थान को कवर करेगा मानसून
मौसम विभाग जयपुर के कार्यकारी निदेशक हिमांशु शर्मा ने बताया कि मानसून राजस्थान में प्रवेश कर चुका है। प्रदेशभर के विभिन्न मौसम केंद्रों से शनिवार सुबह आनी वाली रिपोर्ट से तय होगा कि मानसून का आगे का रुख क्या रहेगा? किन जिलों में मानसून बरस सकता है और कहां मूसलाधार या फिर रिमझिम होगी, लेकिन इस बार अच्छा रहेगा। दक्षिणी राजस्थान में जल्द छाने की संभावना है। अभी इतना स्पष्ट है कि राजस्थान की सीमा में मानसून ने प्रवेश कर लिया है।

मानसून की उत्तरी सीमा उदयपुर एवं झालावाड़ जिलों से गुजर रही है। अगले 24 घंटे में दक्षिण-पश्चिमी मानसून के दक्षिण राजस्थान के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने की अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। उधर, प्री मानसून की बारिश ने पश्चिमी व पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में मानसून की रिहर्सल करा दी है।

मानसून आगमन के साथ ही प्रतापगढ़ जिले में शुरू हुआ मूसलाधार बारिश का दौर।
मानसून आगमन के साथ ही प्रतापगढ़ जिले में शुरू हुआ मूसलाधार बारिश का दौर।

मानसून आगमन के साथ प्रदेश में बादलों ने डाला डेरा
प्रदेश में मानसून के प्रवेश के साथ ही बादलों ने भी डेरा डालना शुरू कर दिया। शुक्रवार देर शाम उदयपुर, जयपुर, अजमेर, जोधपुर, भरतपुर और कोटा संभाग के कई जिलों में देर शाम काले घने बादल छाए रहे। जयपुर के कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी भी हुई। वहीं उदयपुर, डूंगरपुर जिलों के ग्रामीण इलाकों में देर शाम हल्की बारिश दर्ज हुई।

मानचित्र में देखें राजस्थान में मानसून की स्थिति।
मानचित्र में देखें राजस्थान में मानसून की स्थिति।

जून के इस महीने में सामान्य से अधिक बारिश का रिकॉर्ड

  • इस बार जून में सामान्य से अधिक बारिश का भी रिकार्ड बना है। पूर्वी राजस्थान के जयपुर, भरतपुर व अजमेर संभाग के जिलों में सामान्य बारिश 24 एमएम होती है, लेकिन इस बार यहां वर्षा 23 एमएम हो चुकी है।
  • जून में सबसे गर्म रहने वाले पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर, जोधपुर संभाग के जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। सामान्य तौर पर यहां 16.4 एमएम बारिश होती है, लेकिन अब तक 34.1 एमएम बारिश हो चुकी है। पश्चिमी राजस्थान में तो 108 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है।
  • पूरे राजस्थान में 46 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। हर साल 20 एमएम बारिश होती है, लेकिन इस बार 29.2 एमएम औसत बारिश हुई है।
जयपुर में देर शाम हुई बारिश।
जयपुर में देर शाम हुई बारिश।

मानसून की गति अच्छी
इस बार मानसून की गति अच्छी रह सकती है, क्योंकि हवा का दबाव अनुकूल बना हुआ है। शुक्रवार से शुरू हुआ मानसून अगले 10 दिन तक झमाझम बरसने के लिए आतुर है। मानसून पश्चिमी राजस्थान की तरफ बढ़ रहा है। ये पहले पूर्वी राजस्थान के जिलों को भिगोने के बाद आगे बढ़ते हुए पश्चिमी राजस्थान में आएगा। यह बात अलग है कि पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर, जोधपुर संभाग में पहले से बारिश अच्छी हो चुकी है।

चित्तौड़गढ़ के निंबाहेड़ा में देर रात जमकर बारिश हुई।
चित्तौड़गढ़ के निंबाहेड़ा में देर रात जमकर बारिश हुई।
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