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मीड डे मील योजना पर कोरोना का साया:स्कूली बच्चों को सूखा राशन पहुंचाने केंद्र ने भेजा था गेहूं, चावल...5 महीने से बंटा ही नहीं

बीकानेर19 दिन पहले
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  • बीकानेर में 1387 कुल सरकारी स्कूलों में 8वीं क्लास तक पढ़ने वाले करीब दो लाख बच्चे हैं
  • केंद्र सरकार ने 3 महीने का 6 हजार क्विंटल गेहूं, चावल फिर भेजा, बांटने के लिए कलेक्टर के आदेश का इंतजार

मीड डे मील योजना पर भी कोरोना का साया है। जिले की सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा एक से आठवीं तक के करीब दो लाख बच्चे पांच महीने से पोषाहार से वंचित हैं। केंद्र सरकार ने करीब 15 हजार क्विंटल गेहूं और चावल इन बच्चों के लिए भेजे थे,जो अब तक बांटे ही नहीं गए। छह हजार क्विंटल की एक और खेप आ गई है। गोदामों में पड़े इस अनाज के खराब होने की आशंका पैदा हो गई है। अनाज बच्चों को बांटने के लिए शिक्षा विभाग को कलेक्टर के आदेश का इंतजार है।

मीड डे मील योजना के तहत सरकारी स्कूलों के बच्चों को पहले पका पकाया पोषाहर खिलाया जाता था। लेकिन कोरोना के कारण सरकार ने पिछले साल से सूखे राशन के रूप में गेहूं और चावल देना शुरू कर दिया। इस साल जनवरी, फरवरी और मार्च का कोटा केंद्र ने जारी किया था। अनाज केसीएसएस के गोदाम और स्कूलों में रखवा दिया गया, लेकिन लॉकडाउन लगने के कारण बंट ही नहीं पाया। हाल ही में मीड डे मील आयुक्त और शिक्षा विभाग के पत्र पर गृह विभाग ने अनाज वितरण की गाइड लाइन जारी की है। उसके आधार पर शिक्षा विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। जिले के 1387 स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा एक से आठवीं तक के करीब दो लाख बच्चों को खाद्यान बांटा जाएगा।

केंद्र ने 6 हजार क्विंटल अनाज और भेजा

बच्चों को पोषाहार के रूप में खाद्यान उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार ने छह हजार क्विंटल गेहूं और चावल की खेप और भेजी है। यह अनाज भी गोदामों में रखवा दिया गया है। अनाज चूंकि ठेकेदार के माध्यम से स्कूल तक भेजा जाएगा। इसलिए सभी ब्लॉक के सीबीईओ को रूट चार्ट तैयार करने को कहा गया है।

नहीं बांटा तो खराब हो जाएगा

इस साल की पहली तिमाही का करीब पंद्रह हजार क्विंटल गेहूं और चावल सरकारी गोदाम और स्कूलों में रखा हुआ है। काफी अनाज अक्षय पात्र के गोदाम में भी है। रखे हुए अनाज में कीड़े लगते ही हैं। ऐसे में अनाज के खराब होने की आशंका पैदा हो गई है।

कोरोना की पहली लहर में भी घर बैठे बच्चों को दिया था खाद्यान

कोरोना की पहली लहर में भी सरकार के लिए बच्चों को घर पर ही खाद्यान पहुंचाया था। केंद्र सरकार ने सितंबर, अक्टूबर, नवंबर माह का कोटा जारी किया था, जिसका वितरण नवंबर 2020 में किया गया।

बच्चों को सौ ग्राम गेहूं, चावल के अलावा कोम्बो पैक भी मिलेगा

कक्षा एक से पांचवीं तक के बच्चों को सौ ग्राम और 6 से 8 तक के बच्चों को डेढ़ सौ ग्राम गेहूं और चावल पोषाहार के रूप में देने का प्रावधान है। इसके साथ हर बच्चे के नाम पर नेफैड की ओर से कोम्बो पैक भी दिया जाएगा, जिसमें दाल, तेल, मसाले आदि होंगे। खाद्यान का वितरण स्कूलों में होगा। खाद्यान लेने के लिए बच्चों के पेरेंट्स को ही जाना होगा।

केंद्र सरकार ने करीब छह हजार क्विंटल गेहूं, चावल का कोटा जारी किया है, जिसका उठाव हो गया है। बच्चों को खाद्यान वितरित करने के लिए जिला कलेक्टर से अनुमति मांगी है। पिछली तिमाही का कोटा भी बच्चों को दिया जाएगा।
-अशोक सोलंकी, एडीईओ, प्रारंभिक शिक्षा

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