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  • When The Stock Limit Of Pulses Was Fixed, The Traders Got Angry, Two Days From Today, The Grain Market Was Locked, The Traders Said, The Farmer Also Suffered

बीकानेर अनाज कमेटी का प्रदर्शन:दालों की स्टॉक सीमा तय की तो व्यापारी हुए नाराज, आज से दो दिन अनाज मंडी पर लगाया ताला, व्यापारी बोले- किसान को भी नुकसान

बीकानेर20 दिन पहले
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बीकानेर अनाज मंडी में विरोध प् - Dainik Bhaskar
बीकानेर अनाज मंडी में विरोध प्

देश में दालों के बढ़ते भावों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने पिछले दिनों स्टॉक सीमा लागू कर दी तो अब व्यापारी केंद्र सरकार के खिलाफ खड़े हो गए हैं। बीकानेर में अनाज व्यापारियों ने बुधवार को मंडी पर ताला लगा दिया। दो दिन तक अनाज कमेटी की ओर से बंद की घोषणा की गई है।

बीकानेर अनाज कमेटी के अध्यक्ष जयकिशन अग्रवाल ने बताया कि थोक विक्रेताओं को एक तरह की दाल सौ टन और सभी दाले मिलाकर महज दो सौ टन रखने की छूट दी गई है। मूंग को इससे अलग रखा गया है। व्यापारियों का कहना है कि दालों का भाव सरकार के समर्थन मूल्य से कम है। किसान अपनी फसल तीन महीने में बेचकर वापस चला जाता है जबकि उसका उपयोग पूरे साल होता है। व्यापारी ही इसे आगे संभालकर रखता है, व्यापार करता है।

किसान आय दोगुनी कैसे होगी?

अगर किसान की आय दो गुनी करने का लक्ष्य है तो फिर इस तरह स्टॉक सीमा लगाने पर व्यापारी खरीद क्यों करेगा? खरीद नहीं करेगा तो किसान की दलहन कौन खरीदेगा। पिछली बार भी सरकार के बजाय अकेले व्यापारी ने ही दलहन खरीदी थी। जिस समय फसल आई थी तब खरीद पर कोई रोक नहीं थी। अब अचानक से स्टॉक सीमा लागू करने से बाजार में अफरातफरी बनी हुई है। अगर स्टॉक सीमा समाप्त नहीं की जाती है तो किसान दलहन का उत्पादन ही कम करेगा। जब व्यापारी खरीदेगा ही नहीं तो वो उत्पादन क्यों करेगा। ऐसे में किसान और व्यापारी दोनों को नुकसान हो रहा है।

बीकानेर बड़ा सेंटर

बीकानेर दालों की दृष्टि से बड़ा सेंटर है। बीकानेर अनाज मंडी में ही दलहन का बड़ा व्यापार होता है और यहीं पर हजारों किसान अपनी फसल बेचकर जाते हैं। अगर सरकार की ओर से जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो बड़ा नुकसान हो सकता है।

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