अनुशंसा:नोखा नप कार्यपालक पर निलंबन की अनुशंसा

नोखा2 महीने पहले
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  • दो सदस्यीय दल ने की जांच, कई वित्तीय अनियमितताएं जांच में हुईं थी उजागर

नोखा नगर परिषद कार्यपालक पदाधिकारी के कई कार्य योजना में अनियमितता में दोषी पाए जाने पर रोहतास डीएम धरमेन्द्र कुमार ने उनके उपर प्रपत्र क गठित करने सहित निलंबित करने के लिए विभाग को लिखा है।प्रशासक नगर परिषद् नोखा-सह-निदेशक, लेखा प्रशासन एवं स्वनियोजन, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, रोहतास, सासाराम के पत्रांक- 579/जि॰ग्रा॰, दिनांक-28 मार्च को कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद्, नोखा के विरूद्ध सैरात बन्दोबस्ती के संबंध में कार्यालय कार्य पद्धति के अनुसार कार्य नहीं करने, प्रशासक के अनुमोदन के बिना ही नई योजना का कार्यान्वयन कराने, कार्यान्वित योजनाओं में राशि व्यय करने, साफ-सफाई संस्था को राशि भुगतान करने एवं संस्था का एकरारनामा समाप्त होने के पश्चात भी अवैध ढंग से कार्य लेने, वित्तीय अनियमितता एवं अनुशासनहीनता के संबंध में गंभीर आरोप प्रतिवेदित किये गये है। आरोपों के अतिगंभीर प्रकृति के कारण उक्त आरोपों की संयुक्त जांच जिला पदाधिकारी,रोहतास के ज्ञापांक- 1535/गो, दिनांक 12.05.2022 द्वारा श्री भानु प्रकाश, जिला योजना पदाधिकारी, रोहतास एवं चेत नारायण राय, वरीय उप समाहर्ता, रोहतास से करायी गई। जांच कराने के बाद अपना प्रतिवेदन जिला पदाधिकारी रोहतास को सौपा जिसमे ईओ अमित कुमार को पूरी तरह से दोषी करार दिया हैं।

जांच दल द्वारा जिसमें संयुक्त जांच दल द्वारा मंतव्य के रूप में प्रतिवेदित किया गया है कि कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद्, नोखा के द्वारा साफ-सफाई करने वाली संस्था के असंतोषप्रद कार्य के पश्चात भी भुगतान किया जा रहा है। जबकि ऐसी संस्था का एकरारनामा रद् कर उसे काली सूची में दर्ज करने की कार्रवाई की जानी चाहिए थी। इसे संयुक्त जांच दल द्वारा बिना संतोषप्रद कार्य के किया गया भुगतान को मानते हुए उसे वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में दर्शाया गया है। इसी प्रकार नई योजनाओं के कार्यान्वयन एवं कार्यान्वित योजनाओं में राशि विमुक्ति भुगतान आदि प्रशासक के अनुमोदन स्वीकृति के पश्चात ही किया जाना चाहिए था। कार्यपालक पदाधिकारी ने नहीं किया गया है।

जांच दल की अनुशंसा पर होगा निलंबन
संयुक्त जांच दल से प्राप्त अनुशंसा के आलोक में अमित कुमार कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद नोखा के विरूद्ध विहित प्रपत्र में प्रपत्र-क गठित कर आरोप पत्र के साथ उनके विरूद्ध विभागीय कार्रवाई प्रारंभ करने एवं उन्हें निलंबित करने की अनुशंसा की गई है।जदयू प्रखंड अध्यक्ष रुपेश कुमार चन्द्रवंशी ने पत्र लिख कर नप के मामलो की जांच कराया गया था।