संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा:कथावाचक सियाराम महाराज ने कहा- गुरु की महत्ता हमारे जीवन में अनुपम है, क्योंकि उनके बिना जीवन का सार नहीं

नोखा2 महीने पहले
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नोखा के स्वरूपसर गांव में चल रही संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथावाचक सियाराम महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि गुरु की महत्ता हमारे जीवन में अनुपम है क्योंकि गुरु के बिना हम जीवन का सार ही नहीं समझ सकते हैं, लेकिन हमेशा इस बात का सदैव ही ध्यान रखना चाहिए कि गुरू के समक्ष चंचलता नहीं करनी चाहिए और सदा ही अल्पवासी होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जितनी आवश्यकता है उतना ही बोलें और जितना अधिक हो सके गुरू की वाणी का श्रवण करें। संत सियाराम महाराज ने कहा कि गुरू चरणों की सेवा का अवसर मिलना परम सौभाग्य होता है, जो अनमोल है। इसलिए गुरू सेवा को समर्पित भाव से करना और उनका आदेश का पालन सदा ही करना चाहिए। गुरू की महिमा अपार है और उनकी करूणा अदभुत है कब किस पर अनुग्रह हो जाएं।

कथा में सरपंच प्रतिनिधि उदाराम, पूर्व सरपंच डूंगरराम, किशनाराम मास्टर, तीलाराम सिंवर, लिखमाराम सिंवर, रेवंतराम सिंवर, अमेदाराम खाती, गोविंदराम लोल, उमाराम सिंवर, करणाराम सिंवर, शेराराम, जेठाराम, मांगीलाल नाई, पृथ्वी सिंह आदि बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

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