बाल विवाह मुक्त अभियान:सामूहिक प्रयासों से ही रुक पाएंगे बाल विवाह: गोस्वामी

बूंदीएक महीने पहले
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  • बाल विवाह रोकने के लिए प्रशासनिक पहल, आमजन को कर रहे जागरूक

जिला प्रशासन, जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल अधिकारिता विभाग, बाल कल्याण समिति और एक्शन एड व यूनिसेफ की ओर से बाल विवाह मुक्त बूंदी अभियान चलाया जा रहा है। जिला कलेक्टर डॉ. रविंद्र गोस्वामी ने इसके पोस्टर का विमोचन कर अभियान का आगाज किया।
गोस्वामी ने कहा कि बाल विवाह रोकथाम के लिए बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के क्रियान्वयन में सामूहिक प्रयास करने होंगे। जिला प्रशासन द्वारा बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत बनाने के लिए निर्देश जारी किए हैं। जिला कार्य योजना 2022-23 का निर्माण कर स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से आमजन में जागरूकता पैदा की जा रही है। उन्होंने आमजन, धर्मगुरुओं और आमजन से अपील करते हुए कहा कि अभियान के दौरान सभी का सहयोग चाहिए। अगर कहीं बाल विवाह का प्रयास हो रहा है तो तुरंत इसकी जानकारी जिला प्रशासन, उपखंड अधिकारी, बाल कल्याण समिति और पुलिस को देनी चाहिए। चाइल्ड लाइन को 1098 नंबर पर सूचित करें। प्रशासन की ओर से बाल विवाह पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
देवउठनी पर विशेष नजर रहेगी: मीना
जिला बाल संरक्षण इकाई-बाल अधिकारिता के सहायक निदेशक रामराज मीना ने बताया कि देव उठनी एकादशी से विवाह समारोह प्रारंभ हो रहे हैं। जिनमें बाल विवाह होने की आशंका है। अभियान का उद्देश्य जिले की आम जनता में बाल विवाह रोकथाम के लिए जागरूकता लाने और सकारात्मक वातावरण बनाना है। जिले में अधिक से अधिक बाल विवाह मुक्त गांव, ग्राम पंचायत घोषित करना हमारा उद्देश्य है। राज्य में जिला प्रसाशन, विभाग द्वारा देवउठनी एकादशी पर अभियान शुरू किया गया है।

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