ग्रामीणों की मांग:जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत देई तहसील बने ताे 50 गांवों के ग्रामीणों को मिले फायदा

बूंदी10 दिन पहले
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  • उपतहसील क्षेत्र में डोकून पंचायत को भी शामिल करने की मांग

देई बूंदी जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत देई में पिछले 24 वर्ष से उपतहसील तहसील के दर्जे के लिए इंतजार कर रही है। राज्य के भावी बजट में क्षेत्रवासियाें को राज्यमंत्री अशोक चांदना से बड़ी आशा है। तहसील का दर्जा मिलता है तो किसानों व विद्यार्थियों को सहूलियत होगी। कस्बे में उपतहसील वर्ष 1999 से शुरू हुई थी। इतने वर्षो में सिर्फ उपतहसील का भवन बना, जिसमें भी दरारे आ गई, लेकिन अभी तक नए भवन में कार्यालय शिफ्ट होने की बाट जोह रहा है। क्षेत्रवासियाें ने मुख्यमंत्री से इस बजट में तहसील का दर्जा दिलाने की जरूरत बताई है। इस उपतहसील में 8 पंचायतों के 13 पटवार मंडल व 50 गांव शामिल है।

किसानों की जमीन संबंधी कामकाज यहीं हो जाएंगे

इनमें ग्राम पंचायत गुढ़ादेवजी, कोलाहेड़ा, फूलेता, देई, भजनेरी, मोड़सा, जैतपुर शामिल है। वहीं, उपतहसील क्षेत्र में डोकून पंचायत को भी शामिल करने की मांग की है। तहसील बनने के बाद लोगों को जमीन कन्वर्ट व प्रमाण पत्र न्यायालय प्रकरण, गैरखातेदारी से खातेदारी व विभाजन के काम होंगे। कस्बे की कृषि उपज मंडी में रोजाना किसानों का आवागमन रहता है। ऐसे में किसानों की जमीन संबंधी कामकाज भी यहां होने से किसानों को राहत मिलेगी। ​​​​​​​

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