दीक्षा अनुमोदना और अभिनंदन समारोह:दो दीक्षार्थी बहनों का निकला वरघोड़ा आचार्य जयंती पर 125 एकासन व्रत हुए

चित्तौड़गढ़19 दिन पहले
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उपनगर सेंती में श्रमणसंघीय उपप्रवर्तनी श्री वीरकांता एवं मूर्तिपूजक संघ साध्वी श्री सौम्य वंदना आदि के सानिध्य में रविवार को दो मुमुक्षु बहनों का बहुमान कर उनके संयम मार्ग की अनुमोदना की गई। श्रमण संघीय प्रथम आचार्य सम्राट आत्माराम जी, पंडित रत्न मुनि शुक्लचंद्र जी एवं वर्तमान आचार्य सम्राट ध्यानयोगी डॉ. शिव मुनि की जन्म जयंती पर शांति भवन में सामूहिक एकासन व्रत में 125 श्रावक श्राविकाओं ने भाग लिया।

वर्धमान स्थानकवासी संघ अध्यक्ष लक्ष्मीलाल चंडालिया ने बताया कि मुमुक्षु अंजलि जैन एवं दिशा जैन के दीक्षा अनुमोदना और अभिनंदन समारोह में मुख्यअतिथि सांसद सीपी जोशी थे। धार्मिक कार्यक्रम आयोजन संयोजक कनक मेहता ने बताया कि नवकारसी के बाद मुमुक्षु का वरघोडा जुलूस शांति भवन से प्रारंभ हुआ। विभिन्न मार्गों से होते हुए पुनः शांति भवन पहुंचा।

साध्वी डॉ. अर्पिताजी ने दोनों महान आचार्यों व पंजाब प्रवर्तक मुनि श्री शुक्लचंद जी के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला। मूर्तिपूजक साध्वी श्री सौम्यवंदना जी व नम्रता श्रीजी ने दोनों दीक्षार्थी बहनों की संयम पथ की अनुमोदना करते हुए भाव प्रकट किए। उपप्रवर्तनी श्री वीरकांता ने मंगल पाठ सुनाया। सांसद जोशी ने कहा कि जैन संतों के प्रवचन और साधना का उनके जीवन पर भी गहरा प्रभाव पड़ा।

सांसद ने महावीर जैन मंडल अध्यक्ष डा. आईएम सेठिया, महासचिव आरएस नाहर, सुधीर जैन आदि के साथ मुमुक्षु बहनों का अभिनंदन किया। मंत्री दिलीप जैन ने बताया कि सभा में श्रमण संघ अध्यक्ष हस्तीमल चौरडिया, हस्तीमल चंडालिया, अजीत नाहर, छोटूलाल सुराणा, मूर्तिपूजक संघ अध्यक्ष चंद्रसिंह कोठारी, विमल कोठारी, दिवाकर महिला मंडल अध्यक्ष सरोज नाहर, शंभूपुरा महिला मंडल अध्यक्ष वंदना बोहरा ने विचार रखे।

वर्धमान नवयुवक मंडल अध्यक्ष मुकेश सेठिया ने बताया कि दीक्षार्थी बहनों की विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने गोदभराई की रस्म भी की। दिवाकर महिला मंडल एवं चंदनबाला महिला मंडल ने गीतिका, स्तवन पेश किए। संचालन वरिष्ठ श्रावक ऋषभ सुराना ने किया।

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