नवजात बालिका हुई स्वस्थ, 24 दिन बाद अस्पताल से मिली:कोई खुले में छोड़ गया था, बारिश और ठंड से सिकुड गई थी

चित्तौड़गढ़एक महीने पहले
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नवजात शिशु को सौंपा बाल कल्याण समिति को। - Dainik Bhaskar
नवजात शिशु को सौंपा बाल कल्याण समिति को।

यहां गांधीनगर में एक मेडिकल शॉप की छत पर बने कबाड़ में 24 दिन पहले छोड़ी गई नवजात को शुक्रवार को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज किया गया। बालिका को बाल कल्याण समिति को सौंप दिया गया। बालिका अब शिशु गृह में रहेगी।

बाल कल्याण समिति के पूर्व अध्यक्ष रमेश चद्र दशोरा ने बताया कि 24 दिनों से बच्ची को एनआईसीयू में रखा गया था। बच्ची प्रीमेच्योर होने के कारण कमजोर थी। ऊपर से खुले में छोड़ने से बच्ची बारिश और ठंड के कारण बीमार भी हो गई थी। बच्ची का वजन तब एक किलो 900 ग्राम था। अब उसका वजन बढ़कर दो किलो 5 ग्राम हो गया। एनआईसीयू इंचार्ज डॉ जय सिंह मीणा ने उसे डिस्चार्ज किया। सुबह बाल कल्याण समिति के पूर्व अध्यक्ष रमेश दशोरा, सदस्य मंजू जैन, शिवदयाल लखावत और सीमा भारती बालिका को लेने पहुंचे और उसे शिशु गृह में शिफ्ट किया। राजकीय शिशु ग्रह में बच्ची अब केयरटेकर रितेश और आया के देखरेख में रहेगी।

यह था मामला

26 जुलाई को गांधीनगर के एक मेडिकल शॉप की छत पर बने कबाड़ में कोई बच्ची को रख कर चला गया। मेडिकल शॉप के मालिक को बच्ची के रोने की आवाज आई लेकिन सबको बिल्ली के बच्चे के रोने की आवाज लगी। इसीलिए सब ने पहले इग्नोर किया। छत पर जाकर देखा तो नवजात बालिका पड़ी हुई थी। उसे तुरंत हॉस्पिटल पहुंचाया गया।