उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जगदीप धनकड़:सैनिक स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षक बोले- अंग्रेजी-संस्कृत में टाॅपर थे जगदीप, 5वीं में प्रवेश लेने आए तो साथ 5 डिक्शनरियां थीं

चित्ताैड़गढ़12 दिन पहले
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हरपालसिंह राठी, रिटायर्ड शिक्षक, सैनिक स्कूल - Dainik Bhaskar
हरपालसिंह राठी, रिटायर्ड शिक्षक, सैनिक स्कूल

चित्तौड़ी की माटी को एक बार फिर मान मिलने जा रहा है। झुंझुनूं जिले के जगदीप धनकड़ यहां के सैनिक स्कूल में वर्ष 1962 से 69 तक पांचवीं से 11वीं तक पढ़े थे। सैनिक स्कूल में उन्होंने बड़े भाई कुलदीप धनकड़ के साथ प्रवेश लिया था। जगदीप सांगा हाउस के सबसे बेस्ट कैडेट रहे। उनका एनडीए में भी चयन हो गया था लेकिन दूर की नजर की समस्या के कारण मेडिकली अनफिट हो गए। वे पढ़ाई में इतने होशियार थे कि अपने बड़े भाई कुलदीप को भी जरूरत पड़ने पर गाइड करते थे। गणित व अंग्रेजी विषय में जबरदस्त पकड़ थी। स्कूल मैग्जीन में वे अंग्रेजी में लेख लिखते थे। जब उन्हाेंने प्रवेश लिया तब बिना किसी रुकावट के अंग्रेजी में फाॅर्म भर दिया था।

सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ में पढ़ाई के दौरान टीम के साथ जगदीप धनकड़ (गोले में)।
सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ में पढ़ाई के दौरान टीम के साथ जगदीप धनकड़ (गोले में)।

उनकी अंग्रेजी पर सबसे ज्यादा पकड़ थी। साथ ही संस्कृत में भी सबसे ज्यादा नंबर लाकर अव्वल रहते। अंग्रेजी में उनकी राइटिंग शिक्षकों को चौंकाती थी। राइटिंग आज भी स्कूल के रिकाॅर्ड में है। 1965 में अंग्रेजी निबंध प्रतियोगिता में प्रथम रहे। स्कूल पुस्तक के पेज नंबर 20 पर उनका आर्टिकल छपा था।

सैनिक स्कूल में नंबर 166 जगदीप धनकड़।
सैनिक स्कूल में नंबर 166 जगदीप धनकड़।

उनके भाई कुलदीप धनकड़ ने बताया था कि जब चित्तौड़ सैनिक स्कूल में पढ़ने आए थे तो अपने साथ अंग्रेजी की पांच डिक्शनरी साथ लाए थे। उस समय सीनियर कैंब्रीज कोर्स चला था। जगदीप खेलकूद में भी बेहतर थे। हाॅकी व फुटबाॅल की हाउस टीम ने सन 1967 में जब सांगा हाउस से चैंपियनशिप जीती तो उनका अहम योगदान थ। सैनिक स्कूल छोड़ने के बाद जयपुर यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के बाद वकील बन गए। जब उन्हें उपराष्ट्रपति पद का प्रत्याशी बनाने पर मैंने मैसेज भेजा था तो उनका रिप्लाई भी आया।