मंडे पाॅजिटिव:डीबीएच में 1.08 करोड़ से बच्चों के लिए बना पीकू वार्ड शुरू, अब बीकानेर-जयपुर रैफर नहीं होंगे केस

चूरू11 दिन पहले
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उद‌्घाटन-लोकार्पण के 8 महीने बाद आखिर राजकीय डीबी अस्पताल के एमसीएच में पीकू (पीआईसीयू) सघन चिकित्सा इकाई वार्ड शुरू हो गया है। अब गंभीर बीमारी से ग्रस्त जन्म से 12 साल तक के बच्चों को रैफर करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

पहले हर महीने 15 से अधिक गंभीर केसों को रेफर करना पड़ता था। अब इस वार्ड में गंभीर बीमार बच्चों को आईसीयू जैसी सुविधाएं मिलेंगी। इस वार्ड में 20 बेड हैं। इसका लोकार्पण जनवरी में सीएम ने वर्चुअल किया था, मगर स्टाफ नहीं होने से शुरू नहीं हुआ था।

राजमेस द्वारा डीबी अस्पताल में कुल 8 करोड़ रुपए की लागत से आईसीयू, पीकू व नीकू वार्ड तैयार किए गए हैं। मेडिकल कॉलेज की तरफ से इन वार्डों में सफाई कर्मचारी, वार्ड बॉय, सुरक्षा गार्ड नियुक्त कर लोकार्पण के बाद शुरू करना था, मगर आईसीयू व नीकू वार्ड शुरू होने के बावजूद स्टाफ नहीं मिलने के कारण पीकू वार्ड 8 महीने देरी से शुरू हुआ।

अब पीकू वार्ड के शुरू होने से एक महीने से लेकर 12 साल तक के बच्चों को बड़े शहरों के अस्पतालों जैसी सुविधाएं मिलेगी। पीकू वार्ड अस्पताल में संचालित एमसीएच में 1.20 करोड़ से 20 बेड पीकू (पीआईसीयू) वार्ड बनाया है। हर बेड पर वेंटीलेटर व मल्टी पैरा मॉनिटर की उपलब्ध होंगे।

यहां पांच वेंटिलेटर, 10 मॉनिटर व नवजात शिशु के लिए उपलब्ध रहेंगे। पीकू वार्ड के प्रभारी डॉ. अमजद ने बताया कि यहां बच्चों के बेड तक सेंट्रलाइज ऑक्सीजन, वेंटीलेटर, मानीटर, वार्ड में ही जांच सहित सुविधाएं मिलेगी। हर 8-8 घंटे राउंड दा क्लॉज रेजिडेंट डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ एवं वार्ड बॉय की सेवाएं मिलेगी।

एमसीएच में बने अत्याधुनिक सुविधाओं वाले पीकू वार्ड को शुरू कर दिया है। इस वार्ड में 24 घंटे डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी, अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेगी। यहां बड़े आपरेशन हो सकेंगे। रेफर मामलों में कमी आएगी।
डॉ. हनुमान जयपाल, अधीक्षक, डीबीएच

बच्चों की गंभीर बीमारी का अब इलाज हो सकेगा
1. एडवांस लाइफ सपोर्ट सुविधाएं-एमसीएच में पीकू वार्ड के शुरू होने से 12 साल तक की आयु के गंभीर बीमारी से ग्रस्त बच्चों को एडवांस लाइफ सपोर्ट जैसी सुविधाएं मिलेगी। ऑक्सीजन से लेकर जांच तक की सुविधा मिलेगी।
2. बच्चों रैफर केस कम होंगे-एमसीएच में पीकू वार्ड के शुरू होने से गंभीर बीमारी से ग्रस्त बच्चों को रैफर करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अस्पताल में सबकुछ सुविधाएं मिलेगी।

3. बड़े ऑपरेशन हाे सकेंगे-पीकू वार्ड के शुरू होने से एमसीएच में गंभीर बीमार बच्चों के बड़े ऑपरेशन भी हो सकेंगे, इससे मरीजों को बड़े शहरों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। खर्चा बचेगा।

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