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  • To Remove The Learning Loss Gap Of 1.28 Lakh Children, The Bridge Course Examination Will Be Conducted Along With Regular Studies.

तीसरी से आठवीं तक:1.28 लाख बच्चों का लर्निंग लॉस गैप दूर करने को नियमित पढ़ाई के साथ होगी ब्रिजकोर्स परीक्षा

चूरूएक महीने पहले
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कोरोनाकाल में आठवीं के स्टूडेंट्स के लर्निंग लॉस को कम करने के लिए राजस्थान में शिक्षा के बढ़ते कदम के तहत ब्रिजकोर्स लागू किया गया है। इसके अंतर्गत अतिरिक्त कक्षा लगाकर पिछली क्लास की कमजोरियां को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। इसी के तहत क्लास तीसरी से आठवीं के बच्चों को पढ़ाए गए ब्रिजकोर्स के पाठ्यक्रम के आधार पर उनका दाे से पांच नवंबर तक दक्षता मूल्यांकन किया जाएगा। इसमें जिले के तीसरी से आठवीं क्लास के सभी स्टूडेंट्स भाग लेंगे।

इस दक्षता मूल्यांकन को लेकर शुक्रवार को सीडीईओ कार्यालय में सभी सीबीईओ की बैठक हुई, जिसमें सीडीईओ संतोष महर्षि, समसा एडीपीसी सांवरमल गहनोलिया एवं डाइट प्राचार्य गोविंदसिंह राठौड़ ने नवंबर में होने वाली परीक्षा को लेकर शिक्षक से लेकर पीईईओ की भूमिका की चर्चा की। बैठक में सीबीईओ रतनगढ़ भंवर लाल डूडी, सरदारशहर सीबीईओ अशोक कुमार पारीक, सुजानगढ़ के कुलदीप कुमार व्यास, चूरू सीबीईओ ओमदत्त सहारण, बीदासर के संदीप कुमार व्यास,

सादुलपुर के बबलेश कुमार शर्मा व तारानगर सीबीईओ सुमन जाखड़ व एसीबीईओ मौजूद थे। समसा एडीपीसी गहनोलिया ने सभी सीबीईओ से कहा कि वे पीईईओ को पाबंद करें कि उनके अधीन आने वाले स्कूलों के टीचरों को एप डाउनलोड करने के निर्देश दें। परीक्षा के बारे में जानकारी देते बताया कि पेपर संबंधित पीईईओ को पहुंचाए जाएंगे, जिसमें स्टूडेंट्स को ओसीआर शीट में आंसर देना होगा।

इसके बाद स्कूल के टीचर उस ओसीआर शीट को मोबाइल में स्कैन करके एप पर अपलोड करेंगे। मूल्यांकन ऑनलाइन होगा, जिसमें देखेंगे कि बच्चे के शैक्षिक स्तर में कितना सुधार हुआ है।

मूल्यांकन ऑनलाइन होगा, टीचर को शीट को स्कैन कर एप पर अपलोड करना होगा : सीडीईआे : सीडीईओ संतोष महर्षि ने कहा कि ब्रिजकोर्स में तीसरी से पांचवीं एवं छठीं से आठवीं तक के बच्चों का ऑनलाइन मूल्यांकन होगा। एप में मॉडर्न टेक्नोलॉजी यूज करेंगे। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के इस्तेमाल से कॉपी जांचने व डाटा एंट्री करने के कार्यभार से टीचर्स मुक्त हो जाएंगे। उन्हें सिर्फ बच्चे की आंसर कॉपी मोबाइल से फोटो खींच कर अपलोड करनी है।

आंसर शीट कुछ इस तरह की होगी। एप में टीचर्स का यूजर एक्सपीरियंस खराब न हो, इसीलिए सर्वर्स को ऑटो स्कैलेबल क्लाउड पर होस्ट किया जाएगा तथा माइक्रो सर्विस बेस्ड इवेंट ड्रिबन आर्किटेक्चर होगा।

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