पितृ मोक्ष अमावस्या:जिनके देवलोक गमन की तिथि नहीं पता उनका तर्पण 25 को

सुजानगढ़16 दिन पहले
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पितृपक्ष के अंतिम दिन 25 सितंबर को पितृ मोक्ष अमावस्या होगी। यहीं दिन पित रें की विदाई का भी होता है। ज्योतिष चार्य आचार्य पं. अमित पारीक ने बताया कि इस अमावस्या का खासकर उन लोगों को विशेष इंतजार रहता है, जिन्हें अपने किसी पितृ की तिथि ज्ञात नहीं है। शास्त्रों में ऐसे देवलोक गमन करने वाले पितरों के निमित्त इसी दिन तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध करने का उ

ल्लेख है। सभी चाहते हैं कि उनके पितृ खुश होकर रवाना हों और उनके निमित्त वे जो अनुष्ठान कर रहे है, वह भी मंगलकारी हो। संयोगवश पितृ मोक्ष अमावस्या पर स्वार्थ सिद्धि, रवि, बुद्धादित्य व कन्या राशि में चतुर्ग्रही योग का संयोग रहेगा। इन योगों के चलते किए कर्मकांड शुभ फलदायी रहेंगे।

इस दिन ऐसे लोग भी अपने उन पूर्वजों के निमित्त तर्पण और पिंडदान व श्राद्ध आदि करेंगे जिनकी तिथि उन्हें ज्ञात नहीं है। कई वे लोग भी रहेंगे, जो समयाभाव के कारण पूरे पितृपक्ष में तर्पण नहीं कर पाते हैं, वे अमावस्या पर करते हैं। मातृ नवमी 19 को होगी। इस दिन मृत महिलाओं का श्राद्धकर्म किया जाता है।

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