ऐसे नबालिग बची बाल विवाह के चंगुल से...:शादी से चंद दिन पहले लड़की ने मांगी चाइल्ड हेल्प लाइन पर मदद, घर पहुंचे अधिकारी, रुक गई शादी

बांदीकुई3 महीने पहले
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बांदीकुई में एक लड़की ने सूझबूझ से अपनी जिंदगी को बाल विवाह के चंगुल में फंसने से बचा लिया। नाबालिग लड़की ने शादी से चंद दिन पहले ही चाइल्ड लाइन पर फोन कर मदद मांगी, जिस वजह से उसकी शादी होने से पहले ही रुक गई।

इस मामले में न्याय पीठ की अध्यक्ष श्रीमती गीता मीणा ने बताया कि सात मई को बाल कल्याण समिति दौसा के समक्ष चाइल्ड लाइन दौसा द्वारा एक नाबालिक बालिका उम्र 16 वर्ष को पेश किया। बालिका ने समिति को अपने बयानों में बताया कि उसके माता-पिता द्वारा बालिका का विवाह किया जा रहा है।

समिति की ओर से जांच करने पर पाया कि बालिका का विवाह 16 मई 2022 को है। बालिका की उम्र 16 वर्ष है। जिस पर समिति द्वारा कार्रवाई करते हुए बालिका को स्थाई रूप से सखी वन स्टॉप सेंटर दौसा में प्रवेश दिया गया। समिति द्वारा 17 मई को बालिका की विवाह की तारीख निकलने के बाद बालिका को उसके माता-पिता को पाबंद करते हुए अस्थाई रूप से सुपुर्द किया गया। इसके साथ ही बालिका की आयु 18 वर्ष पूरी नहीं होने तक विवाह नहीं करने का शपथ पत्र लिया। इस दौरान समिति के सदस्य अंजना गर्ग, मानसिंह गुर्जर, मुकेश चंद बेरवा मौजूद थे।

बच्ची ने किया था चाइल्ड लाइन पर फोन
बाल संरक्षण समिति दौसा की अध्यक्ष गीता मीणा ने बताया कि बच्ची ने करीब 4 दिन पहले चाइल्ड लाइन पर फोन किया था कि मेरे परिवार के लोग जबरन मेरी शादी करा रहे हैं। जबकि मैं आगे पढ़ना चाहती हूं और मैं नाबालिक हूं। उन्होंने बताया कि बच्ची 11वीं कक्षा में पढ़ रही है। फोन आने के बाद चाइल्ड लाइन की टीम मौके पर पहुंची और बच्ची को बाल संरक्षण समिति के सामने पेश किया। करीब 4 दिन तक समिति ने बच्ची को अपने पास रखा और मंगलवार को को माता पिता के पास सुपुर्द कर दिया।

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