लोक अदालत:7 वर्ष से अलग रह रहे पति-पत्नी को साथ रहने को किया राजी

लालसोट9 दिन पहले
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  • लोक अदालत में 2834 प्रकरण निस्तारित, 6385278 रुपए का अवार्ड पारित

तालुका विधिक सेवा समिति के तत्वावधान में अदालत परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। न्यायालयों में विचाराधीन प्रकरणों के निस्तारण के लिए कुल दो बेंचों का गठन किया गया था।जिसमें प्रथम बैंच अटल सिंह चंपावत, एडीजे लालसोट, द्वितीय बैंच उमेश वीर, एसीजेएम 1, लालसोट द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल- 153 मूल प्रकरणों का निस्तारण किया गया। मोटर दुर्घटना के 7 मामलों में कुल 3175000 रुपए का अवार्ड पारित किया गया। एनआई एक्ट के 22 मामलों में कुल 2336778/- रुपए का समझौता हुआ। राष्ट्रीय लोक अदालत में एडीजे अटल सिंह चॉपावत की बैंच ने सात साल से अलग रह रहे पति-पत्नी के बीच अधिवक्ता सीताराम शर्मा तथा महेश ककराला ने समझाईश कर उन्हें साथ-साथ रहने को राजी किया। जिन्हें एडीजे अटल सिंह चंपावत के सामने पेश किया ।जहां पर दोनों पक्षों ने साथ साथ रहने की अपनी रजामंदी दी। न्यायालय से ही पति और पत्नी अपने घर गंगापुर सिटी के लिए रवाना हुए। समझाईश के दौरान जोडे की 11 साल की बेटी भी मौजूद थी। अधिवक्ता ने बताया कि 12 साल पूर्व दीपा शर्मा तथा अनिल शर्मा का विवाह हुआ था, जिनकी 11 वर्ष की एक ही बेटी भी है । पिछले 7 वर्ष से दोनों अलग-अलग रह रहे थे व 2 साल से एडीजे कोर्ट में वैवाहिक संबंध विच्छेद का मामला चल रहा था। लोक अदालत में दोनों पक्षों के साथ समझाइश का प्रयास किया गया। जिस पर पति और पत्नी ने साथ रहने की अपनी सहमति दे दी। जिसके बाद दोनों पक्ष अदालत परिसर से ही अपने घर गंगापुर सिटी के लिए रवाना हो गए। राजस्व प्रकृति के कुल 28 मामले निपटे, क्रिमनल प्रकृति के कुल 100 प्रकरण एवं सिविल मामलों के कुल 14 प्रकरण निस्तारित हुए। राष्ट्रीय लोक अदालत में प्री लिटिगेशन प्रकरणों में 18 बैंक रिकवरी, 487 राजस्व प्रकृति एवं 2148 अन्य मामले निस्तारित हुए जिनमें 737000 की अवार्ड राशि पारित की गई। इस प्रकार लोक अदालत में कुल 2834 प्रकरण निस्तारित हुए जिनमें कुल 6385278 रुपए का अवार्ड पारित किया गया। लोक अदालत में एसबीआई बैंक, यूको बैंक, इंडियन ऑवर सीज बैंक, पंजाब नेशनल बैंक,सहित कई बैंकों एवं बीमा कं. के प्रतिनिधियों ने भाग लिया एवं अधिवक्तागण ने लोक अदालत कार्य में सहयोग प्रदान किया।

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