केंद्रीय विद्यालयाें में प्रवेश में अब सांसद, राज्य सभा सांसद और कलेक्टर की सिफारिश नहीं चलेगी। केंद्रीय विद्यालय संगठन मुख्यालय नई दिल्ली ने प्रदेश के 78 केंद्रीय विद्यालयाें समेत देशभर में संचालित 1249 केंद्रीय विद्यालयाें में सांसद व कलेक्टर के साथ 17 विशेष श्रेणियाें में प्रवेश काे लेकर विशेष काेटे के प्रावधान पर राेक लगा दी है। अब केंद्रीय विद्यालयाें में छात्र-छात्राओं का प्रवेश वरीयता यानी मेरिट के आधार पर हाेगा।
सांसद व राज्य सभा सांसद के पास अपनी सिफारिश से 10-10 बच्चाें का एडमिशन कराने का काेटा था। सांसद अपने संसदीय क्षेत्र में और राज्य सभा सांसद जिस प्रदेश से चुने गए हैं, उस राज्य के किसी भी केंद्रीय विद्यालयाें में 10-10 बच्चाें काे प्रवेश दिलाने की पाॅवर रखते थे। सांसद व राज्य सभा सांसद से अब उस पाॅवर काे छीन लिया है, जाे अब दाेनाें ही अपने सिफारिश से एक भी बच्चे का दाखिला कराने की पाॅवर नहीं रहेगी। कलेक्टर काेटे की 2 सीट पर भी राेक लगा दी है। इससे प्रदेश के 25 लाेकसभा व 10 राज्य सभा सांसदाें के काेटे पर राेक लगा दी है।
पहली क्लास में 40 सीट, आयु 6 साल
केंद्रीय विद्यालय में पहली कक्षा में 40 सीट हैं। प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु 6 साल है। फीस की बात करें ताे पहली व दूसरी क्लास में 500 रुपए फीस लगती है। इसी प्रकार कक्षा 3 से 8 में 600 रुपए और 9 से 10 में 800 रुपए फीस निर्धारित है। क्लास 11 व 12 में संकाय के हिसाब से फीस लगती है, जाे 1000 से 1200 रुपए के बीच निर्धारित है। जिला मुख्यालय पर रामकरण जाेशी राउमावि में केंद्रीय विद्यालय संचालित है, जहां 10वीं तक की कक्षाएं संचालित हैं। हालांकि इस सत्र से 12वीं क्लास भी शुरू हाे जाती, लेकिन कक्षा कक्षाें की कमी के कारण 2 साल से 10वीं तक ही कक्षाएं चल रही हैं।
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