अच्छी खबर:दौसा को 2, बांदीकुई व लालसोट को 1-1 दमकल गाड़ी मिलेगी, आग पर काबू पाना होगा अब आसान

दौसा2 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
दौसा। इंदिरा कालोनी स्थित फायर ब्रिगेड आफिस में खड़ी दमकल गाडी। दौसा जिले को जल्द मिलेंगे 4 नये अग्निशमन वाहन। - Dainik Bhaskar
दौसा। इंदिरा कालोनी स्थित फायर ब्रिगेड आफिस में खड़ी दमकल गाडी। दौसा जिले को जल्द मिलेंगे 4 नये अग्निशमन वाहन।
  • दौसा जिले को 4 नए अग्निशमन वाहन मिलेंगे, अभी 30 किमी एरिया काे कवर करने के लिए 3 दमकल ही

भुवनेश यादव|दाैसा भीषण गर्मी के दौर में बढ़ती आगजनी की घटनाओं के मद्देनजर दौसा जिले को चार नई दमकल गाडियां जल्द मिलेंगी। दौसा को 2 और बांदीकुई व लालसोट के लिए 1-1 गाडियों की स्वायत्त शासन विभाग ने मंजूरी दी है। इससे दौसा शहरी सीमा व ग्रामीण क्षेत्र के अलावा अन्य दूरस्थ ब्लॉकों में भी आग बुझाने के लिए सुलभता से अग्निशमन वाहन त्वरित पहुंच सकेंगे।

दरअसल, दौसा से सैथल-नांगल राजावतान और जीराेता- सिकंदरा तक करीब 35 किमी की परिधि में आगजनी की घटनाओं काे कवर करने के लिए दाैसा में दमकल की 3 गाड़ी हैं। जल्द ही दाैसा फायर ऑफिस के बेडे में अब 2 नई गाड़ी और शामिल हाेंगी। यहां कुल 5 गाड़ी हाेने से आगजनी की वारदाताें पर काबू पाना आसान हाेगा। दमकल की नई गाड़ियाें में दाैसा काे 3000 व 4500 लीटर क्षमता की 1-1 तथा बांदीकुई व लालसाेट काे 3-3 हजार लीटर क्षमता की 1-1 गाड़ी मिलेगी।

आगजनी की ज्यादातर घटनाएं शहर से ज्यादा ग्रामीण क्षेत्र में ही हाेती हैं। पिछले माह ही 30 घटनाओं में से सिर्फ चार शहरी एरिया में बाकी 26 ग्रामीण इलाकाें में हुईं। अभी दाैसा फायर ऑफिस में 14 हजार, 4500 और 700 लीटर क्षमता की एक-एक दमकल गाड़ी हैं। दमकल की 4 नई गाड़ियां मिलने से पूरे जिले के लाेगाें काे फायदा मिलेगा। अभी तक दूरस्थ ब्लॉकों में भी आगजनी की बडी घटनाएं होने पर दमकल जिला मुख्यालय से ही भिजवानी पड़ रही थी। इनके आने से अब स्थानीय स्तर पर बडी राहत मिलेगी।

चार माह में आगजनी की 139 घटनाएं,14 शाॅर्ट सर्किट से 125 अन्य कारणों से

फायर ऑफिस के रिकाॅर्ड के अनुसार इस साल अब तक आगजनी की 139 घटनाएं हुए हैं। इसमें 14 शाॅर्ट सर्किट के कारण हुई। प्राकृतिक कारणाें से आगजनी की 125 घटनाए हुईं। शाॅर्ट सर्किट के अलावा आगजनी की घटनाओं में कचरा डिब्बे में आग, डीपी में आग, छप्परपाेश, कैमिकल फैक्ट्री, कड़बी, सरसाें के खेत, सिलेंडर, सड़क किनारे लावारिश खड़ी गाड़ी, चाय की थड़ी, झाड़ियाें और बस आग लगना शामिल है। मेन पावर और फायर ब्रिगेड गाड़ी की कमी के कारण आग पर कंट्राेल पाने में दिक्कत हाेती है।​​​​​​​

खबरें और भी हैं...