अच्छी खबर:ट्रेनों में गर्मियों की छुट्‌टी का असर, अधिकांश में जून तक की वेटिंग चल रही, कई ट्रेनें नो रूम

दौसा4 महीने पहले
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बांदीकुई रेलवे स्टेशन की विंडो। - Dainik Bhaskar
बांदीकुई रेलवे स्टेशन की विंडो।
  • कोविड कम हुआ तो टूरिज्म भी हुआ अनलॉक, लोगों ने सैर-सपाटे का बनाया प्रोग्राम

बांदीकुई दो साल तक गर्मियों में कोरोना का असर होने के कारण लोग घरों में कैद रहे, लेकिन इस बार गर्मियों में कोरोना का असर कम होने के साथ ही अब लोग सैर सपाटे पर निकलने लग गए हैं। गर्मियों की छटि्टयां शुरू होने के साथ ही लोगों ने अपने घूमने का प्लान भी तैयार कर लिया। इसका ही असर है कि बांदीकुई जंक्शन से गुजरने वाली अधिकांश यात्री ट्रेनों में जून माह में 60 से 70 तक वेटिंग पहुंच चुकी है। कुछ ट्रेन नो रूम हो चुकी हैं।

दो साल से लोग गर्मियों में घूमने का प्लान तैयार करते है लेकिन हर बाद गर्मी में कोरोना आ जाने से लोगों का प्लान धरा रह जाता था। इस बार कोरोना का असर काफी कम हैं। ऐसे में लोगों में हिल स्टेशनों की और घूमने का क्रेज शुरू हो चुका हैं। सबसे ज्यादा घूमने का प्लान लोगों ने अगले माह जून में तैयार किया हैं। पूरे जून माह में बांदीकुई जंक्शन से गुजरने वाली यात्री ट्रेनों के आंकडे देखें तो अधिकांश ट्रेनों में वेटिंग का आंकडा 60 से 70 तक पहुंच चुका हैं। कुछ ट्रेनें नो रूम हो चुकी हैं।

एक जून से 10 जून के बीच वेटिंग से फुल हुई ये ट्रेनें
बांदीकुई जंक्शन से गुजरने वाली जम्मूतवी-अजमेर पूजा एक्सप्रेस, वाराणसी-जोधपुर मरूधर एक्सप्रेस, बरेली एक्सप्रेस, उदयपुर-हरिद्वार हॉली डे स्पेशल, अहमदाबाद-हरिद्वार मेल में 1 से 10 जून के बीच करीब 60 से 70 वेटिंग चल रही हैं।
ये ट्रेनें हुई नो रूम
बांदीकुई जंक्शन से गुजरने वाली जैसलमेर-काठगोदाम व अहमदाबाद-दिल्ली आश्रम एक्सप्रेस ट्रेन नो रूम हो चुकी हैं। इन ट्रेनों में वेटिंग का आंकडा अधिक होने के कारण इनमें जून माह के शुरुआत में रिजर्वेशन मिलना संभव नहीं हैं।
ट्रेन में सफर करना है तो तत्काल कोटे में ही हो सकेगा रिजर्वेशन
इन ट्रेनों में रिजर्वेशन में वेटिंग आने के बाद अब किसी भी व्यक्ति को जून माह में घूमने जाना है तो उसके सामने सिर्फ तत्काल कोटा ही एकमात्र विकल्प बचा हैं। इस कोटे में यात्री 24 घंटे पहले संबधित ट्रेन में रिजर्वेशन करा सकता हैं। इसके अलावा कोई विकल्प नहीं है।

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