बिजली से रोशन होंगे 270 आंगनबाड़ी केंद्र:हर ग्राम पंचायत में प्री-प्राइमरी एजुकेशन सेंटर के रूप में बनेगा मॉडल केंद्र

दौसा4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
दौसा जिले में कई आंगनबाडी केन्द्रोंं को नंदघर में रुप में विकसित कर सुविधाएं दी गई हैं। - Dainik Bhaskar
दौसा जिले में कई आंगनबाडी केन्द्रोंं को नंदघर में रुप में विकसित कर सुविधाएं दी गई हैं।

यदि सब कुछ ठीक रहा तो दौसा जिले के 270 आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री-प्राइमरी एजुकेशन सेंटर के रुप में डवलप कर मॉडल केन्द्र बनाया जाएगा। इसके साथ ही इनमें पढ़ने वाले मासूमों के लिए राहत भरी खबर यह भी है कि ये आंगनबाड़ी केंद्र बिजली से रोशन होंगे। महिला बाल विकास विभाग के प्रयास से आंगनबाड़ी केंद्रों के दिन बहुरने वाले हैं। सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री-प्राइमरी एजुकेशन सेंटर के रूम में डवलप करने की तैयारी कर रही है। इसके तहत दौसा जिले में भी वित्त रहित 270 आंगनबाड़ी केंद्रों पर बिजली कनेक्शन के लिए सरकार ने तेरह लाख पचास हजार रुपए स्वीकृत किए हैं। सभी विभागीय भवन के 270 केंद्रों पर बिजली कनेक्शन के लिए निगम में फाइल लगवाई जा रही है। ऐसे में शीघ्र सभी केंद्र बिजली कनेक्शन से जुड़कर दूधिया रोशनी से जगमग होंगे।

प्री-प्राइमरी शिक्षा को सुधारने का प्रयास

महिला अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक डॉ. धर्मवीर मीणा ने बताया कि सरकार का मानना है कि भविष्य की पौध जितनी मजबूत होगी उतना ही कल सुनहरा होगा। ऐसे में बेसिक शिक्षा की तरह ही प्री-प्राइमरी शिक्षा को सुधारने का निर्णय किया गया है। इसके तहत आंगनबाड़ी केंद्रों को विकसित करने की रूपरेखा तैयार की गई है। पहले चरण में जिले के विभागीय भवन में चल रहे 270 आंगनबाड़ी केंद्रों को बिजली कनेक्शन से जोड़ा जाएगा।

एक आंगनबाड़ी केंद्र पर खर्च होंगे 5000 रुपए

मुख्यमंत्री की बजट घोषणा के तहत आंगनबाड़ी केंद्र पर बिजली कनेक्शन के लिए 5 हजार रुपए स्वीकृत किए गए हैं। साथ ही 500 रुपए प्रति माह बिजली बिल की राशि स्वीकृत की है। आंगनबाड़ी केंद्र पर बिजली कनेक्शन होने से हर समय रोशनी होगी। गर्मी के मौसम में उन्हें ठंडी हवा मिल सकेगी। इससे बच्चों का आंगनबाड़ी केंद्रों की तरफ रुझान बढ़ेगा।

जनसहयोग भी लेंगे

उपनिदेशक ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों का कार्य समय दिन में होने के कारण बिजली का उपयोग ज्यादा प्रभावी होगा। केंद्रों पर बिजली फिटिंग व पंखे जन सहयोग से लगवाए जाएंगे। प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर बिजली फिटिंग का कार्य व बल्ब, पंखे, खिलौने, बच्चों के लिए बैठने के लिए सामग्री जनसहयोग के माध्यम से उपलब्ध करवाई जाएगी।

खबरें और भी हैं...