भागवत कथा में हाईटेक भोजनशाला...:पांच सितारा होटलों जैसे डाइनिंग हॉल, सोफे और कुर्सी-टेबल पर जिमा रहे, आम श्रद्धालुओं को भी बफर डिनर

दौसा15 दिन पहले
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  • पांडाल में थर्माकोल से इंटीरियर लुक देकर बनाए डाइनिंग हॉल, इनमें फूल और लाइटिंग वाले झूमर, मानो होटल में खाना खा रहे हो

चंद्रशेखर गुर्जर/राजेश भारद्वाज| मेहंदीपुर बालाजी में भागवत कथा और भजन संध्या का पांडाल ही नहीं, यहां की भोजनशाला भी महल से कम नहीं है। वीवीआईपी और वीआईपी के लिए पांच सितारा होटलों की तरह डाइनिंग हॉल बनाए हैं। खास मेहमानों को टेबल-कुर्सी, सोफों पर बैठाकर जिमाया जा रहा है। आम श्रद्धालुओं का भोजन पांडाल अलग है। इसका नाम तो सीता रसोई है, लेकिन यहां भी बफर डिनर की व्यवस्था है। कथा के बाद हर श्रद्धालु के लिए भोजन प्रसाद रहता है। सातों दिन की कथा में भोजन का मीनू अलग-अलग है। भोजन व्यवस्था की जिम्मेदारी तीन अलग-अलग फर्मों को दे रखी है। हालांकि मीनू में ज्यादा अंतर नहीं है। कथा 28 जनवरी तक चलेगी। आम श्रद्धालुओं की भोजन व्यवस्था का जिम्मा यूपी के बुलंदशहर की टीम को सौंप रखा है। इसमें 230 हलवाई और वॉलियंटर्स लगे हैं। वीआईपी का भोजन दौसा और वीवीआईपी के लिए जयपुर के हलवाई भोजन तैयार कर रहे हैं। भोजन बनाने की व्यवस्थाएं भी अलग-अलग है।
वीवीआईपी, वीआईपी के लिए अलग-अलग ब्लॉक बना रखे हैं
भागवत कथा स्थल से सटे पांडाल को तीन ब्लॉक में बांट रखा है। इसमें वीआईपी के लिए दो अलग-अलग ब्लॉक हैं। तीसरा ब्लॉक वीवीआईपी मेहमानों के लिए है। तीनों ब्लॉक का इंटीरियर लुक भी अलग-अलग है। इनमें लाइट और फूल वाले कई आकर्षक झूमर, गुलदस्ते, इंटीरियर डिजाइनिंग बड़ी होटलों के डाइनिंग हॉल से भी बढ़िया है। वीआईपी के दोनों ब्लॉक में टेबल-कुर्सी की डिजाइन में थोड़ा अंतर है। वीवीआईपी ब्लॉक के डाइनिंग हॉल में सोफे और राउंड वाले टेबल लगे हैं। हर टेबल पर गुलदस्ते हैं।

7 दिन तक प्रसाद का अलग-अलग मीनू

26 जनवरी : नाश्ते में 300 लोगों के लिए कढ़ी कचौरी। दोपहर को मिक्स सब्जी, हरी छिलका मूंग और चना मिक्स दाल, पूड़ी, बूंदी और भुजिया। रात में मटर मखाना और चावल, चपाती बनेगी। 27 जनवरी : नाश्ते में 300 लोगों के लिए दो चटनी के साथ ब्रेड पकौड़ा। दोपहर को आलू-टमाटर, गोभी, आलू शिमला, मिर्च, पूड़ी, बूंदी और भुजिया। रात में 500 लोगों के लिए मलाई कोफ्ता, चावल, चपाती और कढ़ी बथुवा। 28 जनवरी : नाश्ते में 300 लोगों के लिए जलेबी, मिर्च बड़ा, खस्ता कचौरी, आलू सब्जी और चटनी। दोपहर को पालक कोफ्ता, मिक्स वेज, गाजर का हलवा, छोटी कचौरी, मैथी चटनी और पूड़ी। सभी दिन वीआईपी मेहमानों के लिए दाल-चावल और चपाती।

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