गुर्जर आंदोलन की बरसी पर मृतकों को याद किया:विजय बैंसला बोले- समाज उनके बलिदान का ऋणी रहेगा

दौसाएक महीने पहले

आरक्षण की मांग को लेकर 14 साल पहले हुए गुर्जर आंदोलन में जान गंवाने वाले लोगों की बरसी पर मंगलवार को श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। सिकंदरा चौराहा स्थित गुर्जर शहीद स्मारक पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में बड़ी तादात में पहुंचे सर्वसमाज के लोगों व मृतकों के परिजनों ने स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें याद किया। शहीद स्मारक पर मृतकों के चित्र लगाए गए थे जहां पहुंचे सर्व समाज के लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित कर नम आंखों से उन्हें याद किया। इस दौरान कई मृतकों के परिजन तो बेहद भावुक नजर आए, जिनकी आंखें छलक पड़ी।

पुष्पांजलि अर्पित करते विजय बैंसला व अन्य।
पुष्पांजलि अर्पित करते विजय बैंसला व अन्य।

यह बोले विजय बैंसला
श्रद्धांजलि सभा में शामिल होने पहुंचे गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय बैंसला ने कहा कि गुर्जर समाज को आरक्षण का हक दिलाने में जिन लोगों ने अपना बलिदान दिया, उन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनके बलिदान की बदौलत ही आज समाज के युवा शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा स्वर्गीय कर्नल बैंसला ने एक सपना देखा था कि समाज की कोई बेटी भी कभी कलेक्टर बनेगी, उसका हमें आज भी इंतजार है। आरक्षण का लाभ उन लोगों को भी मिलना चाहिए जिन्होंने उस वक्त भीषण गर्मी के मौसम में भी पटरी पर बैठकर अपना योगदान दिया था। मैं अपील करना चाहता हूं कि आरक्षण का लाभ लेने के लिए समाज के लोगों को जागरूक करें, जिससे पिछड़े व दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को भी इसका लाभ मिल सके।

पुष्पांजलि अर्पित करती महिलाएं।
पुष्पांजलि अर्पित करती महिलाएं।

बड़ी तादात में पहुंचे लोग
वहीं बांदीकुई विधायक जीआर खटाना ने कहा कि शहीदों के बलिदान को सदियों तक याद किया जाएगा। इस दौरान गुर्जर समाज के प्रदेश अध्यक्ष मनफूल पटेल, श्रवण सूबेदार, रामप्रसाद पटेलवाला, मानसिंह बुर्जा, सुरेंद्र गुर्जर, विक्रम मंडावर, छगन सीमला, महावीर रलावता, कांग्रेसी जिलाध्यक्ष रामजीलाल ओढ़ समेत बड़ी तादाद में समाज के महिला-पुरुष मौजूद रहे।

श्रद्धांजलि सभा में पहुंचे सर्वसमाज के लोग।
श्रद्धांजलि सभा में पहुंचे सर्वसमाज के लोग।

22 लोगों की गई थी जान
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बता दें कि गुर्जर समाज ने आरक्षण की मांग को लेकर वर्ष 2008 में दौसा जिले के सिकंदरा व भरतपुर जिले के पीलूपुरा में बड़े आंदोलन किए थे। उस दौरान पूर्वी राजस्थान में भड़के गुर्जर आंदोलन में गोली लगने से सिकंदरा में 22 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद यहां बनाए स्मारक पर प्रतिवर्ष गुर्जर समाज के लोगों द्वारा बड़ी तादात में एकत्रित होकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी जाती है।