पानी की समस्या:गांव-गांव सूखे पड़े जीएलआर, लोग परेशान, जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान

दौसा14 दिन पहले
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  • सात ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर गहराई पीने के पानी की समस्या

लाखों रुपए पेयजल योजनाओं पर खर्च करने के बाद भी लोगों को प्यास बुझाने के लिए पीने का पानी नहीं मिल पा रहा है। जलदाय विभाग की ओर से लोगों को पेयजल उपलब्ध कराए जाने के उद्देश्य लाखों रुपए खर्च किए जाने के बाद भी विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते लोगों को स्वीकृत पेयजल योजनाओ का 10- 12 वर्षों बाद भी लाभ नहीं मिल रहा है। लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी जीएलआर सूखे पड़े हैं ।
ग्रामीणों व पशुधन को पानी के लिए भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है। जलदाय विभाग की उदासीनता के चलते क्षेत्र में पानी की किल्लत बढ़ती जा रही है । ग्राम पंचायत काली पहाड़ी मुख्यालय के दांतली गांव में पीने के पानी की समस्या से निजात दिलाए जाने के उद्देश्य जलदाय विभाग की ओर से 10 वर्ष पहले प्राथमिक विद्यालय के पास लाखों रुपए खर्च कर जीएलआर टैंक का निर्माण तो करा दिया। लेकिन विभागीय अधिकारियों की शिथिलता के चलते 10 वर्षों से जीएलआर टंकी सूखी पड़ी हुई है। जिसके चलते लोगों को दो मटके पानी के जुगाड़ के लिए विवश होना पड़ रहा है।
ग्राम पंचायत जौपाड़ा के पाडली ,पालावास, मित्रपुरा गांव में बनी पानी की टंकी सूखी पड़ी हुई है। राम भरोसी गुर्जर, रूप सिंह पाडली ,सुरेंद्र सिंह मित्रपुरा ,राधेश्याम गुर्जर सहित अनेकों लोगों ने रोष जताते हुए बताया कि जलदाय विभाग की ओर से 10 वर्ष पहले गांव में पानी की तीन टंकियों का निर्माण तो करा दिया लेकिन आज तक सप्लाई शुरू नहीं किए जाने के कारण टंकी सूखी पड़ी हुई है।
ग्राम पंचायत खान भाकरी मुख्यालय पर पीने के पानी की गंभीर समस्या गहराई हुई है । पूर्व सरपंच लक्ष्मण गुर्जर, सेवाराम भाकरी सहित अनेक लोगों ने बताया कि जलदाय विभाग की ओर से पहाडी के नीचे बनाई गई पानी की टंकी कई वर्षों से सूखी पड़ी हुई है। कस्बे में पीने के पानी की गंभीर समस्या छाई हुई है दो मटके के पानी के जुगाड़ के लिए महिलाओं को भौर होने के साथ ही खेतों पर चलने वाली ट्यूबवेल ऊपर जाकर पानी भरने को विवश होना पड़ रहा है।
नहीं मिली योजना की स्वीकृति, किया भुगतान
नवल किशोर मीणा, दुर्गा प्रसाद शर्मा, जितेंद्र शर्मा ,राजंती देवी बैरवा , जगदीश बंजारा, जयप्रकाश पांचाल, विनोद शर्मा सहित अनेकों लोगों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए बताया कि जलदाय विभाग की ओर से आनन-फानन में दांतली पुरोहिता का बास में पानी की समस्या के निराकरण के लिए 12 वर्ष पूर्व दो जीएलआर टकियों का तथा 2 टयुबवैल खुदवा कर ट्रांसफार्मर रखवा दिया था ।
जिसका विभाग के अधिकारियों ने संबंधित ठेकेदार को पूरा भुगतान भी कर दिया। लेकिन 12 वर्षों बाद भी योजना शुरू नहीं हुई ।
ग्राम पंचायत मुख्यालय पर आयोजित शिविर में ग्रामीणों की शिकायत पर पूर्व जिला कलेक्टर नरेश कुमार शर्मा ने जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता को पेयजल योजना को 15 दिवस में शुरू करने के निर्देश दिए थे। साथ ही ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड कर उसके खिलाफ एफ आई आर दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। लेकिन सांठगांठ के खेल के चलते 10 वर्षों बाद भी ना तो ठेकेदार के खिलाफ एफ आई आर दर्ज कराई और ना ही पेयजल योजना शुरू कराई।
नहीं मिला रिकॉर्ड, कैसे हुआ भुगतान
ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए बताया कि ग्राम पंचायत मुख्यालय पर दो जीएलआर ,दो ट्यूबवेल खुदाऐ जाने के कार्य आदेश व टेडर स्वीकृति अधीक्षण अभियंता से लेकर चीफ इंजीनियर कार्यालय तक नहीं मिली। उसके बाद भी जलदाय विभाग की ओर से 15 लाख रुपए का आखिरकार जलदाय विभाग दोसा ने ठेकेदार को कैसे भुगतान कर दिया यह भी एक सोचनीय विषय है । वही ग्राम पंचायत शेखपुरा देवरी अट्टा लाडपुरा मित्रपुरा मुख्यालय पर बनाई गई पानी की टंकी या सूखी पड़ी हुई है । जिसके चलते लोग बूंद-बूंद पीने के पानी को तरस रहे हैं। जलदाय विभाग के सहायक अभियंता शिवचरण मीणा का कहना है कि मेरे आने से पूर्व योजना स्वीकृत हुई थी । जांच कर संबंधित फर्म के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी

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