बाल विवाह रोकने में आंगनबाड़ी सक्रिय भूमिका निभाएं : चौहान:अक्षय तृतीया पर होने वाले बाल विवाहों को रोकने के लिए बैठक में कार्यवाहक कलेक्टर ने दिए निर्देश

धौलपुर9 दिन पहले
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बसंत पंचमी, अक्षय तृतीया, पीपल पूर्णिमा और अन्य अबूझ सावों पर जिले में बाल विवाह किये जाने की सम्भावना रहती है। बाल विवाह की रोकथाम व आमजन को बाल विवाह से होने वाले दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करने हेतु कार्ययोजना को लेकर कार्यवाहक जिला कलक्टर चेतन चौहान की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन कलेक्ट्रेट सभागार में किया गया। बसंत पंचमी के अवसर पर जिले में बाल विवाह होने की संभावना है।

बाल विवाह के प्रभावी रोकथाम के लिए जिला, पंचायत , ग्राम स्तर पर पदस्थापित विभिन्न विभागों के कर्मचारियों, अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों पटवारियों, भू-अभिलेख निरीक्षकों, ग्राम पंचायत सदस्यों, ग्राम सेवकों कृषि पर्यवेक्षकों सहायक निदेशकों, जिला बाल संरक्षण इकाई एवं अधिकारिता विभाग सामाजिक सुरक्षा अधिकारियों सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, परियोजना अधिकारियों, महिला एवं बाल विकास विभाग, महिला पर्यवेक्षकों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं संरक्षण अधिकारियों, महिला अधिकारिता शिक्षकों नगर निकाय के अधिकारियों, जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों, सरपंची तथा वार्ड पंथों के माध्यम से बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों का व्यापक प्रचार-प्रसार कर आमजन को जानकारी कराते हुए जन जागृति उत्पन्न कर बाल विवाह रोकथाम के कार्यों को सम्पादित करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने 31 जनवरी तक बाल विवाह प्रतिषेध हेतु जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने एवं इसकी रिपोर्ट जिला बाल संरक्षण इकाई को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्राम सभाओं में बाल विवाह प्रतिषेध हेतु जागरूकता संबंधी कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिए। सहायक निदेशक महिला एवं बाल अधिकारिता विभाग विश्वदेव पांडेय द्वारा 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन के बारे में बताया गया। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति बाल विवाह की सूचना उक्त टोल फ्री नम्बर पर दे सकता है, इसमें सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाती है। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष से लेकर 20 वर्ष की आयु तक कोई भी बालिका अपने बाल विवाह का शून्यीकरण फैमिली कोर्ट के माध्यम से करा सकती है एवं बलात् पूर्वक किये गये बाल विवाह को शून्यीकरण की आवश्यकता नहीं होती यह स्वतः शून्य हो जाता है। इसके लिए जिला एवं प्रत्येक उपखण्ड स्तर पर कन्ट्रोल रूम स्थापित कर प्राप्त प्रकरणों पर तत्काल बाल विवाह आयोजनों को रोकने संबंधी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए. विवाह अधिनियम 2006 के तहत बाल विवाह अपराध है. जिसकी रोकथाम के लिए आवश्यक दण्डात्मक कार्रवाई किये जाने के प्रावधान हैं. जिससे कि बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को रोका जा सके. बाल विवाह रोकथाम के लिए संबंधित विभिन्न प्राधिकरण, विभागों के बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारियों द्वारा बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

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