सोनोलॉजिस्ट का पद खाली होने से बंद पड़ी सोनोग्राफी मशीन:गर्भवती महिलाओं को जांच के कराने जाना पड़ रहा ह30 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल

धौलपुर2 महीने पहले
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शहर के सामान्य अस्पताल में सोनोलॉजिस्ट का पद रिक्त होने से सबसे अधिक गर्भवती महिलाएं परेशान हैं। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को सोनोग्राफी की जांच के लिए अस्पताल के चिकित्सकों द्वारा करीब 30 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल रेफर किया जा रहा है। ऐसे में परेशान गर्भवती महिलाओं ने बाड़ी विधायक गिर्राज मलिंगा को अपनी शिकायत की। विधायक के कार्यालय पहुंच महिलाओं ने उन्हें बताया कि वे अस्पताल में जब भी सोनोग्राफी के लिए जाती है। सोनोग्राफी नहीं की जाती और उनको जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया जाता है। ऐसे ने विधायक से समस्या के समाधान की गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों ने मांग की। विधायक ने तुरंत अस्पताल के पीएमओ डॉ हरिकिशन मंगल को कार्यालय बुलाकर समस्या के समाधान के निर्देश दिए। पीएमओ डॉ मंगल ने विधायक मलिंगा को बताया कि अस्पताल में सोनोलोजिस्ट का पद रिक्त है। जिसके चलते सोनोग्राफी नहीं की जा रही। इस पर गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी की समस्या समाधान के लिए स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ चिकित्सक से सोनोग्राफी कराने की की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। अगर आंकड़ों की बात की जाए तो एक महीने में करीब सौ से अधिक महिलाओं को सोनोग्राफी की जरूरत पड़ती है। जिसकी जांच स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ चिकित्सक द्वारा लिखी जाती है जिससे गर्भ के अंदर पल रहे भ्रूण के स्वास्थ्य का परीक्षण किया जा सके लेकिन बिना सोनोलॉजिस्ट के जांच नहीं हो पा रही। इसी के चलते गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। किडनी में पथरी हो या पित्ताशय में गांठ,लीवर का इंफेक्शन हो या कोई असाध्य रोग जांच के लिए सोनोग्राफी यानी अल्ट्रासाउंड की जरूरत पड़ती है। यह सभी जांचे वर्तमान में अस्पताल में बन्द है क्योंकि सोनोलॉजिस्ट का पद पिछले कई महीनों से रिक्त है। पीएमओ डॉ. किशन मंगल का कहना है कि सोनोलॉजिस्ट ही सोनोग्राफी कर सकता है। इमरजेंसी में ही स्त्रियों प्रसूति रोग विशेषज्ञ महिला मरीज की जांच के लिए सोनोग्राफी करते हैं। समस्या के स्थाई समाधान के लिए सोनोलॉजिस्ट का लगाया जाना जरूरी है। ताकि महिलाओं को राहत मिल सके।

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