धर्म-समाज:शारदीय नवरात्र 26 सितंबर से सुबह 6.22 से 7.53 बजे तक होगी कलश स्थापना

धाैलपुर19 दिन पहले
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शारदीय नवरात्र इस बार 26 सितंबर से सिद्धयोग में शुरू होंगे। इसी दिन कलश स्थापना का अमृत मुहूर्त सुबह 6.22 से 7.53 बजे तक है। शुभ मुहूर्त 9.23 से 10.53 और अभिजीत मुहूर्त 11.59 से 12.47 बजे तक रहेगा। इस बार देवी मां का आगमन और गमन हाथी पर होगा। ऐसा संयोग कई साल बाद बन रहा है। ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि हाथी पर माता के आने और जाने का मतलब है अच्छी बारिश और खुशहाली।

उम्मीद की जा रही है कि इस संयोग से खेती और किसानों की आमदनी अच्छी होगी। साथ ही घरों में शांति, समृद्धि और संपन्नता आएगी। 5 अक्टूबर को विजयादशमी के साथ ही नवरात्र संपन्न होंगे। देवी भागवत पुराण में नवरात्र के मौके पर माता की सवारी का विशेष महत्व बताया गया है। मां का हर वाहन विशेष संदेश देता है। पुराणों में वर्णित है कि जब नवरात्र की स्थापना रविवार या सोमवार से होती है तब माता का आगमन गज पर होता है। ज्योतिषचार्यों के अनुसार 6 अक्टूबर को पापांकुशा एकादशी व्रत रहेगा। 9 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा रहेगी। इसी दिन क्षीर पान, पूर्णिमा व्रत, कार्तिक स्नान शुरु होंगे। लक्ष्मींद्र पूजा, ओजागृही व्रतम, वाल्मीकि जयंती, पाराशर ऋषि जयंती, विश्व डाक दिवस, बारावफात भी रहेगी। 10 अक्टूबर को कृषक भूमि पूजा होगी। 11 को सर्वार्थ सिद्धि अमृत योग सुबह 6.38 से शाम 4.16 मिनट तक रहेगा।

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