परिवार दिवस पर विशेष:116 वर्षीय अनूप कुंवर के परिवार में 250 सदस्य, आंखों में रोशनी नहीं, आवाज सुनकर पहचानती हैं

पूंजपुर9 दिन पहलेलेखक: महिपाल सिंह
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अाज परिवार दिवस है। आज जिले के ऐसे दो परिवारों की कहानी बता रहे है जो यह बताते है कि संयुक्त परिवार का कितना महत्व है। आसपुर उपखंड के वाड़ा कुंडली निवासी 116 वर्षीय अनूप कुंवर पत्नी सरदारसिंह चौहान की आज छठी पीढ़ी है। अनूप कुंवर की आंखों की रोशनी चली गई लेकिन वह आज भी आवाज सुनकर सदस्य का नाम बता देती है। इस छह पीढी के परिवार में आज 250 सदस्य है। सरदारसिंह ने सब इंस्पेक्टर रहे हैं।

अनूप कुंवर का जन्म बड़वा जी पोथी के अनुसार 1906 में बताया गया है। अनूप कुंवर के पांच बेटियां व दो पुत्र है। बड़े पुत्र करणसिंह चौहान है जो 25 वर्ष से अधिक समय से आसपुर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष है। छोटे पुत्र ईश्वरसिंह चौहान भी विगत 25 वर्षों से सकानी ग्राम पंचायत में सरपंच व उपसरपंच पद पर काबिज रहे है। अनूप कुंवर पहली पीढ़ी है। दूसरी पीढ़ी में पांच बेटियां व दो बेटे है। तीसरी 14 लड़के व 21 लडकियां है।

चौथी में14 लड़कों और 21 लड़कियों के कुल 92 संतानें है। पांचवी पीढ़ी में उनकी भी 11 संतानें है। इस तरह से इनके परिवार में कुल 148 सदस्य है। इसमें इनके परिवार में दामाद और बहुओं की संख्या अलग है। अगर इनको भी जोड़ा जाए तो यह आंकड़ा करीब 250 तक होता है। अनूप कुंवर के परिवार में 7 पुलिसकर्मी, 2 नर्सिंग स्टॉफ और 2 अध्यापक है। अनूप कुंवर के बड़ी बेटी मोती कुंवर की उम्र 85 वर्ष है ।

यह भी संयोग
अनूप कुंवर के पुत्र करणसिंह का 14 जनवरी 1957, ईश्वरसिंह का 14 जनवरी 1961 और छोटी पुत्री का जन्म 14 जनवरी 1964 को हुआ।

वलमा यादव: सामूहिक बनता है 26 लोगों का खाना
वलमा यादव का परिवार ऐसा है जिनके लिए 26 लोगोें का खाना एक साथ बनता है। ग्राम पंचायत बड़लिया निवासी वालजी व रूपा यादव भाई है। वालजी के 4 पुत्र व तीन पुत्रियां है। परिवार में 26 लोग सामूहिक रूप से रहते है।पूरा परिवार कृषि कार्य से जुड़ा हुआ है। करीब 15 से 16 बीघा भूमि पर खेती बाड़ी है। तीन भांजिया भी इस परिवार के साथ ही रहती है।

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