डॉक्टर ने एपीओ होने के बाद निकाले 1.70 लाख:2 की जगह सिंगल सिग्नेचर से उठा ली राशि, जांच के आदेश

डूंगरपुर2 महीने पहले
​​​​​​​पालमांडव पीएचसी के डॉक्टर राजेश खराड़ी को एपीओ किए जाने के बावजूद सिंगल सिग्नेचर से बैंक खाते से 1 लाख 70 हजार रुपए निकाल कर गबन करने का मामला सामने आया है।

पालमांडव पीएचसी के डॉक्टर राजेश खराड़ी के 1.70 लाख रुपए का गबन करने का मामला सामने आया है। डॉक्टर ने एपीओ होने के बाद 7 सेल्फ चेक लगाकर अस्पताल के खाते से राशि उठा ली। 2 की जगह अकेले डॉक्टर के साइन से ही ये पूरी राशि हड़प ली। मामला सामने आने के बाद अब कलेक्टर ने जांच के आदेश दिए हैं। वहीं, सीएमएचओ ने भी मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई है।

पालमांडव पीएचसी के प्रभारी डॉ. राजेश खराड़ी को शिकायतों के बाद 23 सितंबर को सीएमएचओ ने एपीओ कर दिया था। डॉ. खराड़ी को डूंगरपुर ब्लॉक ऑफिस में उपस्थिति के आदेश दिए गए थे, लेकिन डॉ. राजेश खराड़ी ब्लॉक ऑफिस में नहीं आए। इस दौरान डूंगरपुर ब्लॉक सीएमओ डॉ. जयेश परमार ने पालमांडव पीएचसी के बैंक का स्टेटमेंट निकलवाया, जिसमें एपीओ होने के 5 दिन बाद 28 सितंबर को 7 ट्रांजेक्शन से 1 लाख 70 हजार रुपए निकालने का मामला सामने आया, जिसमें 20-20 हजार के 6 ट्रांजेक्शन और 50 हजार का एक ट्रांजेक्शन है। ये पूरी राशि एपीओ डॉ. राजेश खराड़ी के सिंगल सिग्नेचर से निकाली गई है, जबकि सीएमएचओ डॉ. राजेश शर्मा बताते है सरकारी नियमों के अनुसार चेक से राशि निकालने के लिए डॉक्टर के साथ ही लेखाकर्मी के साइन जरूरी है। लेखाकर्मी के नहीं होने पर उसका चार्ज देख रहे कर्मचारी के साइन भी जरूरी हैं। वहीं, 20 हजार से ज्यादा की राशि निकालने के लिए ब्लॉक सीएमओ के साइन जरूरी है, लेकिन यहां सबसे बड़ी गड़बड़ी एपीओ होने के बाद भी डॉक्टर के सिंगल सिग्नेचर से राशि उठाई गई। वहीं, बैंक की ओर से भी नियमों को अनदेखा कर राशि दे दी गई। ऐसे में इस गड़बड़ी में बैंककर्मियों की मिलीभगत से भी इंकार नहीं किया जा सकता है।

पाल मांडव पीएचसी के अकाउंट से राशि निकालने का मामला सामने आने के बाद कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव ने जांच के आदेश दिए हैं। कलेक्टर ने बताया की सीएमएचओ को जांच करते हुए कार्रवाई के लिए कहा है। वहीं, बैंककर्मियों की और से गड़बड़ी की गई है तो उसकी भी जांच करवाई जा रही है। सीएमएचओ डॉ. राजेश शर्मा ने बताया की पूरी गड़बड़ी की जांच के साथ बैंक अधिकारियों को भी पत्र लिखकर रिपोर्ट मांगी जा रही है।