उपनिरीक्षक भर्ती में चयन करवाने के नाम पर ठगी:20 लाख रुपय उधार लिए, लौटाने के एवज में एएसआई परीक्षा में चयन का झांसा दिया

डूंगरपुर2 दिन पहले
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उपनिरीक्षक भर्ती में चयन करवाने के नाम पर दाे युवक से 40 लाख रुपए लेने का मामला सामने आया है। काेचिंग संचालक ने युवकाें का चयन नहीं हाेने पर राशि काे नहीं लाैटाया। इस दाैरान पीड़ित बांसवाड़ा में फील्ड मार्शल डिफेंस एकेडमी के ऑफिस भी गए, लेकिन वहां ऑफिस बंद होने की जानकारी मिली।

पीड़ित की रिपोर्ट पर बिछीवाड़ा पुलिस ने दोनों कोचिंग संचालकों के खिलाफ धोखाधड़ी व अपराधिक षडयंत्र की धारा में प्रकरण दर्ज कराया है। बिछीवाड़ा निवासी पाेपटलाल कलाल और शांतिलाल ने झुंझुनूं जिले के कुहाड़वास, बुहाना निवासी अनिल पुत्र भरत सिंह मेघवाल, उदयपुर के प्रत्यक्ष क्लासेज सेवाश्रम के नरेंद्र साेनावत के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराया है।

रिपाेर्ट के अनुसार पोपटलाल और शांतिलाल ने बताया कि प्रत्यक्ष क्लासेज सेवाश्रम उदयपुर के नरेंद्र सोनावत से उनकी पुरानी पहचान है। नरेंद्र ने अनिल भूरिया पुत्र भरतसिंह मेघवाल निवासी कुहाड़दास बुहाना से उसकी पहचान करवाई। अनिल भूरिया ने फील्ड मार्शल डिफेंस एकेडमी ट्रस्ट चलाने की बात कही। जिसमें रक्षा सेवा से सबंधित अध्ययन के बारे में बताया। इसके बांसवाड़ा समेत राजस्थान में सेंटर होने की बात कही। इसके बाद अनिल भूरिया नवंबर 2018 में परिवादी की दुकान पर आया और जरूरी बताकर 20 लाख रुपए मांगे।

यह राशि एक महीने में लौटाने की बात कही। इसके बाद पोपटलाल और शांतिलाल ने 19 नवंबर 2018 को 20 लाख रुपए अनिल और नरेंद्र सोनावत को दे दिए। इस दाैरान फील्ड मार्शल डिफेंस एकेडमी के लैटर पेड पर लिखा पढ़ी की गई। अनिल ने दो चेक दिए। 1 महीने बाद पोपटलाल और शांतिलाल ने उधार के रुपए मांगे तो उन्होंने 20 दिन का ओर समय मांगा। इसके बाद बैंक खाते में राशि नहीं हाेना बता कर चेक प्रस्तुत नहीं करने के लिए कहा गया।

दिसंबर 2018 के अंतिम दिनाें में अनिल भूरिया और नरेंद्र सोनावत दुकान पर आए और उधार दिए रुपयों के बदले उनके परिवार के किसी सदस्य के एएसआई की परीक्षा में सलेक्शन करवाने की बात कही। इस पर पोपटलाल ने अपने बेटे मनीष और शांतिलाल ने भतीजे कपिल का एएसआई में सलेक्शन करवाने के लिए कहा। दोनों ने उस समय एएसआई भर्ती परीक्षा दी थी।

आरोपियों ने एक के चयन के लिए 20 लाख रुपए मांगे। उन्होंने उधार में दिए 20 लाख समायाेजित करने और 20 लाख रुपए नकद देने की बात कही। इस पर दोनों ने मिलकर कोचिंग संचालकों को 20 लाख रुपए दे दिए। अाराेपियाें ने अमानत के ताैर पर चेक भी दिए।

परीक्षा में पास नहीं हो सके, इसके बाद विवाद बढ़ा
26 अगस्त 2019 को उपनिरीक्षक भर्ती का रिजल्ट आया, जिसमें पोपटलाल के बेटे मनीष और शांतिलाल के भतीजे कपिल का चयन नहीं हुआ। इस पर पोपटलाल और शांतिलाल ने कोचिंग संचालकों से रुपए वापस मांगे। आरोपियों ने रुपए नहीं लौटाए और फोन बंद कर दिए। इसके बाद दोनों व्यापारी बांसवाड़ा में फील्ड मार्शल डिफेंस एकेडमी के ऑफिस भी गए, लेकिन वहां ऑफिस बंद होने की जानकारी मिली।

इस दाैरान जानकारी करने पर पता चला कि बांसवाड़ा एकेडमी काे बंद कर दिया है। फिर कुछ दिन बाद पता चला कि आराेपियाें ने सरकारी नाैकरी के चयन के नाम पर कई लाेगाें से राशि ऐंठी है। इस कारण जाेधपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। जेल भी भेजा। इसके बाद चिताैड़गढ़ व सलूंबर क्षेत्र में धाेखाधड़ी करने की जानकारी लगी।

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